जीएसटी के विरोध में देश में कपड़ा व्यापारियों ने कपड़ा बाजार बंद कर सरकार की नीतियों का डट कर सामना किया. पांच प्रतिशत जीएसटी को हटाने की मांग के साथ व्यापारियो ने विशेष आहूति यज्ञ में ‘ओम जीसटी स्वाहा’, और ‘सरकार को सदबुद्वि दे स्वाहा’ मंत्रोच्चार से हवन किया गया.
जीएसटी का कानून और सबसे ज्यादा तो कर प्रणाली की कागजी कार्रवाई वे स्वयं पूरा नहीं कर सकते हैं. यह कागजी कार्रवाई ही मुसीबत बनी हुई है. सरकार को लगता है कि यह आसान है, लेकिन यह बहुत ही मुश्किल काम है और व्यापारियों को तकलीफ का सामना करना पड़ेगा. राष्ट्रव्यापी विरोध के चलते अकेले सूरत में चार सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
कांतिलाल मांडोत,सूरत
