सीएनटी-एसपीटी एक्ट में छेड़-छाड़ गलत

सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन मेरे हिसाब से गलत है.वो भी किसी विशेष पार्टी के द्वारा यह संशोधन करना बिलकुल गलत है. यह एक्ट कई पिछड़े वर्ग के लिए सुरक्षित रखा गया है ताकि भविष्य में उन पिछड़े वर्ग के समुदाय को लाभान्वित किया जा सके. किसी भी विशेष पार्टी का यह अधिकार नहीं है कि […]

सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन मेरे हिसाब से गलत है.वो भी किसी विशेष पार्टी के द्वारा यह संशोधन करना बिलकुल गलत है. यह एक्ट कई पिछड़े वर्ग के लिए सुरक्षित रखा गया है ताकि भविष्य में उन पिछड़े वर्ग के समुदाय को लाभान्वित किया जा सके. किसी भी विशेष पार्टी का यह अधिकार नहीं है कि वह इस एक्ट पर किसी तरह से छेड़छाड़ करे.
अगर भलाई के लिए संशोधन करना ही है तो कई पार्टी के साथ-साथ कई अन्य विशेष समुदाय के भी राय लेनी जरूरी है. अकेले कोई पार्टी या कोई व्यक्ति इसे पारित नहीं कर सकता. यह बीआर आंबेडकर की विशेष देन है कि पिछड़ों को उनके अस्तित्व बचाने की. उनका यह सपना कोई नेता या कोई पार्टी कैसे यूं ही संशोधन कर सकता है. यह राजनीति है और कुछ नहीं.
पालुराम हेंब्रम, सालगझारी

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