नये प्रमाण पत्र का बनना

सरकार ने स्थानीय नीति घोषित करने के साथ ही पूर्व में बने जाति और स्थानीय प्रमाण पत्रों को अमान्य करार दिया और नये प्रमाण पत्र बनाने का फरमान जारी किया, जो इतने कम समय में बनना असंभव है. सरकार की नाकामी का खामियाजा छात्र और अभिभावक भुगत रहे हैं. कई प्रतियोगिता परीक्षाओं के फार्म भरने […]

सरकार ने स्थानीय नीति घोषित करने के साथ ही पूर्व में बने जाति और स्थानीय प्रमाण पत्रों को अमान्य करार दिया और नये प्रमाण पत्र बनाने का फरमान जारी किया, जो इतने कम समय में बनना असंभव है. सरकार की नाकामी का खामियाजा छात्र और अभिभावक भुगत रहे हैं.
कई प्रतियोगिता परीक्षाओं के फार्म भरने की तिथि समाप्त होने को हैं. सरकार से आग्रह है कि उन सभी परीक्षाओं के फार्म भरने की तिथि में सहानुभूतिपूर्वक विस्तार करे, जिनकी तिथि समाप्त होने को है. अभी फौरी तौर पर पंचायत सचिव, निम्नवर्गीय लिपिक के परीक्षा फार्म भरने की तिथि समाप्त होने को है. अभी कई जगह नामंकन की प्रक्रिया भी शुरू है पर प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण छात्र असमंजस में हैं. सरकार इस समस्या के निराकरण हेतु कोई ठोस कदम उठाए.
राजन राज, रांची

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >