‘हिंदी’ भाषा का सम्मान हो

केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू की बात को ट्विट कर जवाब देते कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि हिंदी अपनी राष्ट्र भाषा नहीं है. वह भारत की सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा होने के कारण उसकी जानकारी होनी चाहिए. जबरदस्ती किसी पर नहीं थोपी जानी चाहिए. हिंदी का नाम लेते ही कुछ लोगों को दिल […]

केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू की बात को ट्विट कर जवाब देते कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि हिंदी अपनी राष्ट्र भाषा नहीं है. वह भारत की सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा होने के कारण उसकी जानकारी होनी चाहिए.
जबरदस्ती किसी पर नहीं थोपी जानी चाहिए. हिंदी का नाम लेते ही कुछ लोगों को दिल से अच्छा नहीं लगता. हिंदी का प्रचार-प्रसार नहीं करने वाले, उसका प्रचार-प्रसार रोकने के लिए कैसे उतावले होते हैं, उसका उदाहरण उनके ट्विट से देखने को मिलता है. हिंदी भले ही राष्ट्रभाषा नहीं है, लेकिन उसका इस्तेमाल तो राष्ट्रभाषा की तरह ही किया जाता है. चीन, जापान अपनी भाषाओं का इस्तेमाल शिक्षा सहित कारोबार में करते हैं और उसका परिणाम पूरी दुनिया देख रही है. इसलिए हमें भी हिंदी का सम्मान करना चाहिए.
जयेश राणे, इमेल से

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