आखिर क्यों मारे गये मणिपुर में लोग ? जानें मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने क्या कहा

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले से मणिपुर की चर्चा की. इसके बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि गलतफहमियों, निहित स्वार्थ वाले लोगों की वजह से मणिपुर में लोग मारे गए.

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मणिपुर का जिक्र किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पिछले दिनों में मणिपुर में हिंसा का दौर चला, मां बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ, लेकिन अब शांति बहाल हो रही है और शांति से ही समाधान निकलेगा. इसके बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मंगलवार को कहा कि कुछ गलतफहमियों, निहित स्वार्थी लोगों के कार्यों एवं देश को अस्थिर करने के विदेशी षड्यंत्र के कारण राज्य में लोग मारे गए और संपत्तियों को नुकसान हुआ.

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर यहां प्रथम मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद सभी से हिंसा रोकने और राज्य को तीव्र प्रगति की राह पर वापस लाने का प्रयास करने की अपील की. राज्य के सभी पहाड़ी और घाटी जिलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किये गये. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ गलतफहमियों, निहित स्वार्थों वाले लोगों के कार्यों एवं देश को अस्थिर करने के विदेशी षड्यंत्र के कारण राज्य में बहुमूल्य जान और माल का नुकसान हुआ तथा कई लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं.

सरकार सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कर रही है लगातार काम

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि सरकार सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए लगातार काम कर रही है और प्रभावित लोगों को जल्द ही फिर से बसाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को उनके मूल स्थानों पर तुरंत स्थानांतरित नहीं किया जा सकता, उन्हें पूर्व-निर्मित घरों में अस्थायी रूप से रखा जाएगा. पूर्वनिर्मित (प्रीफैबरिकेटेड) मकानों से तात्पर्य ऐसे भवनों से हैं, जिनके ढांचे किसी और स्थान पर तैयार किए जाते हैं और फिर उन्हें उन स्थलों पर स्थापित किया जाता है, जहां मकानों को बनाए जाने की आवश्यकता है.

सरकार ने संविधान के प्रावधानों के खिलाफ कभी कोई काम नहीं किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि गलती करना मानवीय प्रवृत्ति है इसलिए हमें माफ करना और भूलना सीखना होगा. उन्होंने कहा कि ‘‘एक परिवार एक आजीविका’’ परियोजना लागू करने और लोगों के पुनर्वास के लिए एक समिति का गठन किया गया है. सरकार ने संविधान के प्रावधानों के खिलाफ कभी कोई काम नहीं किया है और वह न ही कभी ऐसा करेगी. सिंह ने कहा कि मादक द्रव्यों के खिलाफ युद्ध किसी विशेष समुदाय या व्यक्ति पर लक्षित नहीं है, बल्कि यह देश और भावी पीढ़ी को नशीली पदार्थों के दुरुपयोग के खतरे से बचाने का सरकार का एक प्रयास है.

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उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ युद्ध 2018 के अंत में शुरू किया गया था क्योंकि राज्य में मादक द्रव्यों का भारी प्रभाव पड़ रहा था और एक लाख से अधिक लोग इनका इस्तेमाल कर रहे थे. आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार 2017 से लोगों की नब्ज को समझकर राज्य के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है और पिछले छह साल से किसी प्रकार का संघर्ष, बंद और नाकाबंदी नहीं हुई थी. उन्होंने कहा कि राज्य के दूर-दराज के गांवों में विकास लाने के लिए बजट में और धन का प्रावधान किया गया है.

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वनों की कटाई को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकती सरकार

सीएम सिंह ने कहा कि सरकार पोस्त की खेती के लिए बड़े पैमाने पर वनों की कटाई को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकती, इसलिए उसने नशीले पदार्थों का राज्य से सफाया करने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि गोल्डन ट्रायएंगल से नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ मणिपुर देश का द्वारपाल है और राज्य देश की युवा आबादी को मादक द्रव्यों से बचा रहा है. एशिया में अफीम का अवैध उत्पादन करने वाले दो प्रमुख क्षेत्र में से एक को ‘गोल्डन ट्रायएंगल’ कहा जाता है, जबकि दूसरे क्षेत्र को ‘गोल्डन क्रिसेंट’ नाम दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों की कटाई ने राज्य में जलवायु परिस्थितियों को प्रभावित किया है और पोस्त की खेती के लिए नमक एवं उर्वरकों के वितरण ने राज्य के जल संसाधनों को प्रभावित किया है.

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