कौन है 8 साल का मंगोलियाई बच्चा, जिसे दलाई लामा ने बनाया बौद्ध धर्म का तीसरा सबसे बड़ा धर्मगुरु

दलाई लामा जब 8 साल के बच्चे को सबसे बड़े धर्मगुरु के रूप में नामित कर रहे थे, उस समय करीब 600 मंगोलियाई अपने नये आधात्यमिक नेता का जश्न मनाने के लिए वहां मौजूद थे. सोशल मीडिया में जो तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, उसमें बच्चे को लाल वस्त्र पहने और मास्क लगाये दलाई लामा से मिलते हुए दिख रहा है.

बौद्ध धर्म के वरिष्ठ नेता और धर्मगुरु दलाई लामा ने चीन को तगड़ा झटका दिया है. उन्होंने 8 साल के अमेरिकी मंगोलियाई बच्चे को बौद्ध धर्म का तीसरा सबसे बड़ा धर्मगुरु बनाया है.

दलाई लामा ने बच्चे को 10 वें खलखा जेटसन धम्पा रिनपोछे का पुनर्जन्म बताया

द टाइम्स की खबर के अनुसार दलाई लामा जब 8 साल के बच्चे को सबसे बड़े धर्मगुरु के रूप में नामित कर रहे थे, उस समय करीब 600 मंगोलियाई अपने नये आधात्यमिक नेता का जश्न मनाने के लिए वहां मौजूद थे. सोशल मीडिया में जो तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, उसमें बच्चे को लाल वस्त्र पहने और मास्क लगाये दलाई लामा से मिलते हुए दिख रहा है. दलाई लामा ने 8 साल के बच्चे को 10 वें खलखा जेटसन धम्पा रिनपोछे का पुनर्जन्म बताया है.

2016 में मंगोलिया का दौरा किये थे दलाई लामा, चीन की लगी थी मिर्ची

दलाई लामा ने 2016 में मंगोलिया का दौरा किया था. उस समय चीन ने इसकी कड़ी निंदा की थी. उस समय दलाई लामा ने यह कहते हुए दौरा किया था कि मंगोलियाई में बौद्ध धर्म के तीसरे सबसे बड़े धर्मगुरु 10 वें खलखा जेटसन धम्पा रिनपोछे का पुनर्जन्म हुआ है. बच्चे की खोज लंबे समय से की जा रही थी.

Also Read: India China Clash:चीन वापस लौटने के सवाल पर बोले दलाई लामा- इसका कोई मतलब नहीं, मैं भारत को पसंद करता हूं

कौन है 8 साल का बच्चा, जिसे बनाया गया बौद्ध धर्म का तीसरा सबसे बड़ा धर्मगुरु

दलाई लामा ने जिस मंगोलियाई बच्चे को बौद्ध धर्म का तीसरा सबसे बड़ा धर्मगुरु बनाया है, वह अगुइदई और अचिल्टाई अल्टानार नाम के जुड़वां बच्चों हैं. हालांकि अभी तक यह खुलासा नहीं हुआ है कि दलाई लामा ने किस बच्चे को धर्मगुरु बनाया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >