पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने सोमवार को 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान कर दिया. राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि कोरोना के संकट के बीच परीक्षाएं आयोजित करके छात्रों के लिए मुश्किलें खड़ी नहीं की जा सकती है. सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल के शिक्षा सचिव मनीष जैन को छह सदस्यीय कमेटी ने रिपोर्ट सौंपकर परीक्षाओं के आयोजन पर कड़ा ऐतराज जताया था. आखिरकार, सीएम ममता बनर्जी ने परीक्षाएं रद्द कर दिया.
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पश्चिम बंगाल में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब छात्रों का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा? पश्चिम बंगाल में मैट्रिक के 11.50 लाख और इंटर के करीब 9 लाख छात्रों के भविष्य को लेकर भी जल्द फैसला लिए जाने की संभावना है. पिछले दिनों कोरोना संकट के बीच 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के प्रोग्राम की घोषणा के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय निर्धारित किया गया था. प्रेस कॉन्फ्रेंस को अचानक रद्द कर दिया गया था.
अगर पश्चिम बंगाल में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को देखें तो इसके आयोजन को लेकर सभी संशय में थे. छात्रों से लेकर उनके परिजनों तक में चिंता थी. इसके पहले जनवरी में जून महीने में परीक्षाओं के आयोजन की बात कही गई थी. इसी बीच राज्य में बढ़ते कोरोना संकट को देखते हुए परीक्षाओं को जून में नहीं कराने का फैसला लिया गया था. इसी बीच सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोरोना संकट में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं नहीं कराने का फैसला ले लिया.
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पश्चिम बंगाल में कोरोना संकट के बीच 10वीं और 12वीं की परीक्षा के आयोजन को लेकर शिक्षा विभाग ने आम लोगों, पैरेंट्स, गार्जियन्स और स्टूडेंट्स से सुझाव मांगे थे. इसके लिए सोमवार (7 जून) की दोपहर 2 बजे तक का वक्त निर्धारित किया गया था. सभी सुझाव ईमेल से भेजने की सलाह दी गई थी. माना जा रहा था सुझावों के अध्ययन के बाद परीक्षाओं के आयोजन पर कोई फैसला लिया जाएगा. इसी बीच सीएम ममता बनर्जी ने परीक्षाएं रद्द करने का ऐलान कर दिया.
