Weekly Weather: दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो गई है. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से इसकी वापसी चालू है. लेकिन अभी बारिश का दौर खत्म नहीं होने वाला है. बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम आगे चलकर डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है. इसका असर पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में देखने को मिल सकता है.
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में 19 सितंबर की शाम कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और 21 सितंबर तक पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन बन सकता है. इसके बाद 22 सितंबर तक यह और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम 23 सितंबर की सुबह दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट के पास पहुंच सकता है.
पूर्वी भारत में 19 से 25 सितंबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक पूर्वी भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और गंगीय पश्चिम बंगाल में 19 से 25 सितंबर के बीच कई जगह बारिश हो सकती है. ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 22 से 25 सितंबर के दौरान बारिश बढ़ने की संभावना है. झारखंड में 23 से 25 सितंबर और बिहार में 24 से 25 सितंबर के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है.
ओडिशा में सबसे ज्यादा असर की आशंका
मौसम के नए सिस्टम का सबसे ज्यादा असर ओडिशा में देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक 22 से 25 सितंबर को ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. 23 सितंबर को ओडिशा में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है, जो झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
झारखंड और बिहार 19 से 25 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
झारखंड में 19 से 22 सितंबर के दौरान कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है. 23 से 25 सितंबर के बीच बारिश का दायरा बढ़ सकता है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. वहीं बिहार में 19 से 23 सितंबर के दौरान कुछ जगह बारिश हो सकती है. 24 और 25 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक और तेज हवा भी चल सकती है.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी बरसेंगे बादल
मध्य भारत में भी पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रह सकता है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 19 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 और 24-25 सितंबर को कई जगह बारिश हो सकती है. छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 19 से 25 सितंबर के बीच बारिश होने की संभावना है. 24 सितंबर को विदर्भ और 23 से 25 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़ में कुछ जगह बहुत भारी बारिश भी हो सकती है.
महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश
कोंकण और गोवा में 20 से 25 सितंबर के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र में 20 से 23 सितंबर और मराठवाड़ा में 21 सितंबर को बारिश का दौर तेज रह सकता है. गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में भी इस सप्ताह बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर
दक्षिण भारत में भी कई राज्यों में बारिश की संभावना बनी हुई है. केरल, माहे, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 25 सितंबर के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कई हिस्सों में भी सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. तटीय आंध्र प्रदेश में 22 से 24 सितंबर और तेलंगाना में 22 से 25 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है.
समुद्र में बढ़ेगा खतरा, मछुआरों को चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम के कारण समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं. 23 सितंबर को पश्चिम-मध्य और आसपास के उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में हवा की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है और झोंकों में 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
मौसम विभाग ने मछुआरों को 19 से 21 सितंबर तक अंडमान सागर और 22 से 24 सितंबर तक पश्चिम-मध्य तथा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश, ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल तट के आसपास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है. जो मछुआरे समुद्र में हैं, उन्हें 21 सितंबर की शाम तक तट पर लौटने को कहा गया है.
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