Weather Forecast : नवंबर में नहीं पड़ेगी सर्दी! सामान्य से अधिक गर्म रहेगा महीना, IMD ने बताया कारण

मौसम : अक्टूबर खत्म होकर नवंबर का महीना शुरू हो गया है. उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में सर्दी का आगाज शुरू हो गया है. इस बीच आईएमडी की ओर से बड़ी जानकारी दी जा रही है. IMD ने कहा है कि इस बार नवंबर में ज्यादा ठंड नहीं पड़ेगी.

देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही फिजां में गुलाबी ठंड बढ़ने लगी है. स्काईमेट वेदर के मुताबिक एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे जम्मू कश्मीर पर बना हुआ है. साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर बना हुआ है. इस कारण देश के कई हिस्सों में बीते 24 घंटे में जोरदार बारिश हुई है.

स्काईमेट वेदर के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी बारिश देखने को मिली है. केरल और दक्षिणी तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश हुई है, कुछ जगहों पर भारी बारिश भी देखने को मिली है. रायलसीमा और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई है.

अक्टूबर खत्म होकर नवंबर का महीना शुरू हो गया है. उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में सर्दी का आगाज शुरू हो गया है. इस बीच आईएमडी की ओर से बड़ी जानकारी दी जा रही है. IMD ने कहा है कि इस बार नवंबर में ज्यादा ठंड नहीं पड़ेगी.

IMD ने कहा है कि अल नीनो के मजबूत होने के कारण उत्तर पश्चिम एवं पश्चिम मध्य भारत के कुछ इलाकों को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में नवंबर में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है.

आईएमडी के निदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि नवंबर में पूरे देश में वर्षा सामान्य होने की अधिक संभावना है, जो लंबी अवधि के औसत का 77 से 123 फीसदी हो सकती. उन्होंने कहा कि प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी भागों के कुछ क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर हिस्सों और पूर्व-मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है.

आईएमडी ने कहा है कि अल नीनो परिस्थितियां भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के ऊपर सक्रिय हैं और हिंद महासागर के ऊपर सकारात्मक हिंद महासागर द्विध्रुव तक दिखाई दे रही है.

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नवीनतम वैश्विक पूर्वानुमानों से जो संकेत मिल रहा है उसके मुताबिक अल नीनो की परिस्थितियां जारी रहने की संभावना है और आने वाले महीनों के दौरान सकारात्मक आईओडी की परिस्थितयां कमजोर होने के आसार हैं. इस कारण देश के कई हिस्सों में नवंबर अपेक्षाकृत गर्म रह सकता है.

वहीं स्काईमेट वेदर के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है.

तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

आंध्र प्रदेश में हल्की छिटपुट बारिश हो सकती है.

दिल्ली और एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में रहेगा.

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Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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