Weather Forcast: गर्मी से मिलेगी राहत, IMD ने दी खुशखबरी, समय से पहले भारत में मानसून ने दी दस्तक

Weather Forcast: देश में मौसम का मिजाज बदल गया है. उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू से आम जनजीवन बेहाल है तो वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है. इस बीच राहत की खबर है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून रविवार यानी 19 मई को निकोबार द्वीप पर दस्तक दे रहा है.

Weather Forcast: भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रविवार को देश के दक्षिणी छोर निकोबार द्वीप पर दस्तक दे दी. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यहां यह जानकारी दी. मौसम कार्यालय ने कहा, ‘‘दक्षिण-पश्चिम मानसून रविवार को मालदीव के कुछ हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण बंगाल की खाड़ी, निकोबार द्वीप समूह और दक्षिण अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है. मानसून के 31 मई तक केरल पहुंच जाने की उम्मीद है. आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 150 साल में केरल में मानसून की शुरुआत की तारीख व्यापक रूप से अलग-अलग रही है. केरल में मानसून सबसे देरी से 1972 में 18 जून को और सबसे पहले 1918 में 11 मई को पहुंचा था.

भारत में मानसून की दस्तक
मानसून पिछले साल यानी 2023 में आठ जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में तीन जून को और 2020 में एक जून को दक्षिणी राज्य में पहुंचा था. आईएमडी ने पिछले महीने ला नीना की अनुकूल स्थितियों के कारण सामान्य से अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान जताया था. ला नीना की स्थितियां भारत में मानसून के दौरान अच्छी बारिश में मदद करती हैं. देश का बड़ा हिस्सा भीषण गर्मी से जूझ रहा है और कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. कई राज्यों में गर्मी का रिकॉर्ड टूट गया है और इसका स्वास्थ्य एवं आजीविका पर गंभीर असर पड़ रहा है. दक्षिणी भारत में अप्रैल में लू का प्रकोप देखा गया था.

मौसम विभाग ने दी राहत भरी खबर
भीषण गर्मी बिजली ग्रिड पर दबाव डाल रही है और जल निकाय सूख रहे हैं. इसके कारण देश के कुछ हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो रही है. ऐसे में मानसून के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा का पूर्वानुमान तेजी से विकास कर रहे दक्षिण एशियाई देश के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. भारत के कृषि परिदृश्य के लिए मानसून महत्वपूर्ण है और 52 प्रतिशत शुद्ध खेती योग्य क्षेत्र इस पर निर्भर है. यह देश भर में बिजली उत्पादन के अलावा, पीने के पानी के लिए महत्वपूर्ण जलाशयों को फिर से भरने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है.
जून और जुलाई को कृषि के लिए मानसून के सबसे महत्वपूर्ण महीने माना जाता है क्योंकि इस अवधि के दौरान अधिकतर खरीफ फसलों की बुआई होती है.

उत्तर भारत में फिलहाल गर्मी से राहत नहीं
इधर, उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप फिलहाल जारी रहेगा. आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेश कुमार ने कहा है कि आमतौर पर मई को सबसे गर्म महीना माना जाता है. अगर उत्तर भारत में बारिश की कोई गतिविधि नहीं होती है, तो तापमान सामान्य रूप से 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है. ऐसे में अनुमान है कि अगले एक हफ्ते तक यही स्थिति बनी रहेगी. राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में अगले 5 दिनों तक गर्मी की स्थिति रहेगी. आईएमडी ने कहा है कि गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. यूपी में भी अगले 3 से 4 दिनों तक लू की स्थिति बनी रहेगी. उत्तरी मध्य प्रदेश में भी लू चलेगी. IMD ने ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है.

भारी बारिश से केरल के कई िलों में बाढ़ जैसे हालात
केरल के कई हिस्सों में बारिश होने के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं. मौसम विभाग ने लोगों के सतर्कता बरतने की सलाह दी है. मौसम विभाग ने रविवार और सोमवार को लेकर पथानामथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और चार अन्य जिलों तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा और एर्नाकुलम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम कार्यालय ने रविवार दोपहर एक बजे तक केरल के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, कन्नूर और कासरगोड जिलों में मेघ गर्जन के साथ एक या दो स्थानों पर मध्यम वर्षा और 40 किमी प्रति घंटा वाली धूलभरी आंधी की भविष्यवाणी की है. बता दें, शनिवार रात तिरुवनंतपुरम में हुई बारिश के बाद कई इलाकों में जलजमाव हो गया.


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