Wayanad Landslide: यह उच्च स्तरीय समिति मुख्य रूप से इस बात की जांच करेगी कि क्या परियोजना के ठेकेदार ने निविदा (टेंडर) की शर्तों का किसी भी प्रकार से उल्लंघन किया है. इसके साथ ही, राज्य और केंद्र सरकार द्वारा इस सुरंग परियोजना को दी गई पर्यावरण और वन संबंधी मंजूरियों की भी व्यापक समीक्षा की जाएगी. समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट एक महीने के भीतर सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है.
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव को बनाया गया संयोजक
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव को इस समिति का संयोजक बनाया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यक समझा गया, तो संयोजक और अन्य विशेषज्ञ सदस्य के रूप में कुछ और पैनलिस्टों को भी शामिल कर सकते हैं.
समिति में शामिल विशेषज्ञ और अधिकारियों को पूरी सूची इस प्रकार है.
डॉ सीपी राजेंद्रन (प्रसिद्ध भू-वैज्ञानिक) डॉ विष्णुदास (पारिस्थितिकी-विज्ञानी) डॉ पी पुगाझेंडी (मुख्य वन्यजीव वार्डन, केरल) सचिव, लोक निर्माण विभाग (PWD) सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग (संयोजक)
पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा
जांच समिति के गठन के साथ ही राज्य सरकार ने भूस्खलन के पीड़ितों के लिए मुआवजे का भी एलान किया है. सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आदेश जारी किया है. इसके अलावा, हादसे में घायल हुए लोगों को उनकी चोट की गंभीरता के आधार पर इलाज के खर्च के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी.
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