Wayanad Landslide : अपनी शादी के लिए कुछ पैसे जोड़ने पहुंचा था बिहार का रंजीत लेकिन…

Wayanad Landslide : केरल में भूस्खलन के बाद से कई लोग लापता हैं. इन लापता लोगों में बिहार के कुछ लोग भी शामिल हैं. उनकी तलाश में परिजन यहां पहुंचे हैं.

Wayanad Landslide : केरल में भूस्खलन प्रभावित वायनाड जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है. रविवार को राहत बचाव का छठा दिन है. 1,300 से अधिक बचावकर्मी मलबे में अब भी ‘जिंदगी’ की तलाश कर रहे हैं. भारतीय सेना और वायुसेना के जवान, एनडीआरएफ के साथ पुलिसकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए दिन-रात लगे हुए हैं. बिहार के कुछ लोग अभी भी इस मलबे में दबे हुए हैं जिनकी तलाश में उनके परिजन पहुंचे हैं.

Wayanad: officials during a search and rescue operation at a landslide-hit area, in wayanad district

बिहार के रंजीत समेत अन्य तीन लापता

दरअसल, केरल के वायनाड जिले में मंगलवार को भीषण भूस्खलन की घटना हुई. लापता लोगों में बिहार का रहने वाला रंजीत भी शामिल है. इस साल अक्टूबर-नवंबर में उसकी शादी होने वाली थी. अपनी शादी से पहले कुछ पैसे कमाने के लिए वह यहां आया था, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. भूस्खलन के बाद से उसका कुछ पता नहीं चल पाया है. रंजीत की तलाश में उसके चचेरे भाई रवि कुमार यहां पहुंचे हैं. रवि कुमार ने एक टीवी चैनल पर मामले को लेकर बात की. उसने कहा कि उनका चचेरा भाई भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में काम कर रहे बिहार के छह लोगों में से एक था. इनमें से दो ठीक हैं. एक महिला का शव बरामद हो चुका है. रंजीत समेत अन्य तीन लापता हैं.

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Wayanad: a military dog squad during the search and rescue operations at the landslide-hit chooralmala, in wayanad district

रंजीत की शादी तय हो चुकी थी और…

बातचीत के क्रम में रवि के आंसू निकल आए. नम आंखों से उसने बताया कि उसने अपने चचेरे भाई को काम के लिए वायनाड न जाने की सलाह दी थी, क्योंकि वहां भारी बारिश का दौर जारी था. रंजीत की शादी तय हो चुकी थी. अक्टूबर-नवंबर में उसकी शादी होनी थी. उसने कहा कि वह अपनी शादी से पहले कुछ पैसे कमाने के लिए यहां आया था. लेकिन, कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. रंजीत की तलाश में केरल सरकार और स्थानीय लोगों से काफी मदद मिल रही है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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