Waqf Bill : वक्फ बिल से मुस्लिम भी खुश, मस्जिद पहुंचकर कहा– थैंक्स मोदी जी

Waqf Bill : मध्य प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के वर्गों ने वक्फ बिल पेश होने का जश्न मनाया. रहमत मस्जिद समिति के अध्यक्ष मोहसिन-उल-हक ने इस बिल को वंचित मुसलमानों के कल्याण के लिए एक सकारात्मक कदम बताया. वहीं, कांग्रेस विधायक ने विधेयक को ‘‘काला कानून’’ बताया.

Waqf Bill : वक्फ (संशोधन) विधेयक पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मिली-जुली प्रतिक्रिया हुई. मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों ने इसका स्वागत किया. इन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया, जबकि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद सहित अन्य लोगों ने विधेयक का विरोध किया. हथईखेड़ा क्षेत्र में रहमत मस्जिद में मुस्लिम पुरुष और महिलाएं संसद में विधेयक पेश होने का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुईं. “हम वक्फ बिल का समर्थन करते हैं” और “शुक्रिया मोदी जी” जैसे संदेशों वाली तख्तियां लेकर वे ढोल की थाप पर नाच रहे थे.

मुसलमानों के कल्याण के लिए एक सकारात्मक कदम

रहमत मस्जिद समिति के अध्यक्ष मोहसिन-उल-हक ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि यह विधेयक वंचित मुसलमानों के कल्याण के लिए एक सकारात्मक कदम है. उन्होंने कहा, “हमने वक्फ विधेयक के समर्थन में एक कार्यक्रम आयोजित किया. हम इस विधेयक का समर्थन करते हैं क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि वक्फ की जमीन का इस्तेमाल गरीबों के लाभ के लिए किया जाएगा.” समारोह में शामिल मोहम्मद शादाब ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त कीं.

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उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा,‘‘कुछ लोगों ने वक्फ संपत्तियों को अपनी संपत्ति समझ लिया है. गरीब और आम मुसलमानों को उनके लाभों से वंचित रखा गया है. यह विधेयक सुनिश्चित करता है कि भूमि जरूरतमंदों की सेवा करे.’’

कांग्रेस विधायक ने विधेयक को ‘‘काला कानून’’ बताया

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विधेयक को ‘‘काला कानून’’ बताया. मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा, ‘‘हमने पहले ही इस विधेयक को खारिज कर दिया है. यह वक्फ संपत्तियों की रक्षा नहीं करेगा, बल्कि उन पर अतिक्रमण को बढ़ावा देगा.’’ उन्होंने कहा कि वह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के रुख से सहमत हैं.

लोगों को गुमराह करने की कोशिश : मंत्री विश्वास सारंग

विपक्ष को जवाब देते हुए मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने विधेयक के समर्थन में कहा कि इससे आम मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है, लेकिन यह उन अमीर नेताओं को चुनौती देता है, जिन्होंने कथित तौर पर वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग किया है. उन्होंने कहा,‘‘यह विधेयक उन लोगों के लिए झटका है, जिन्होंने अवैध रूप से वक्फ की जमीन पर कब्जा कर रखा है. भोपाल में हजारों मुसलमानों ने प्रधानमंत्री मोदी और इस संशोधन का खुलकर समर्थन किया है. यह उन नेताओं के मुंह पर करारा तमाचा है, जो लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.’’

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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