भारत पहुंचा पीएम मोदी के लिए बना ‘एयर इंडिया वन’, जानें खासियत

गुरुवार दोपहर एयर इंडिया वन विमान ने दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड किया. ये विमान हवा में उड़ते किसी अभेद्द किले जैसा होगा.

पहला विमान 1 अक्टूबर को अमेरिका ने भारत को सौंप दिया. गुरुवार दोपहर एयर इंडिया वन विमान ने दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड किया. ये विमान हवा में उड़ते किसी अभेद्द किले जैसा होगा.

भारत ने अमेरिका से खरीदे 2 विमान

एयर इंडिया वन विमान मिसाइल डिफेंस सिस्टम से लैस है, यानी कि इस विमान में मिसाइल हमले कोई असर नहीं होगा. विमान हवा में उड़ते हुए इंधन भर सकता है. विमान में ऑफिस, कॉन्फ्रेंस हॉल, किचन और मेडिकल सुविधाएं भी हैं. प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति जैसे वीवीआई लोगों की सुविधा के हिसाब से इस विमान को डिजाइन किया गया है. अब तक ये लोग एयर इंडिया के बोइंग-747 विमान का इस्तेमाल करते थे.

भारत ने अमेरिका से ऐसे 2 विमान खरीदे हैं. ये बोइंग-777 विमान में लार्ज एयरक्राफ्ट इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स और सेल्फ प्रोटेक्शन सुईट युक्त मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगा है. भारत ने अमेरिका से इन दोनों रक्षा प्रणालियों को 19 करोड़ डॉलर में खरीदा है. पीएम मोदी का नया एयर इंडिया वन विमान 900 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है.

विमान में हुआ है तीन रंगों का इस्तेमाल

एयर इंडिया वन विमान में तीन रंगों का इस्तेमाल किया गया है. इनमें से 2 रंग अमेरिकी राष्ट्रपति के विमान एयरफोर्स वन से मिलते जुलते हैं. विमान में सफेद, हल्का नीला और नारंगी रंग का इस्तेमाल किया गया है. सफेद और हल्का नीला रंग का ज्यादा इस्तेमाल किया गया है. वहीं नारंगी रंग का इस्तेमाल पट्टियां बनाने के लिए की गई हैं.

भारत को 2 में से एक विमान की आपूर्ति कर दी गई है. विमान की कीमत 8,459 करोड़ है. इस विमान को एयर इंडिया की बजाय भारतीय वायु सेना ऑपरेट करेगी. इसके लिए बकायदा ट्रेनिंग दी जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इन विमानों का कॉल साइन एयरफोर्स वन रखा जा सकता है.

जानें विमान की क्या है खासियत

विमान इलेक्ट्रोनिक वॉरफेयर जैमर से युक्त होगा जो दुश्मन के जीपीएस और ड्रोन सिग्नल को ब्लॉक करने का काम करेगा. विमान में डायरेक्शनल इंफ्रारेड काउंटमेजर सिस्टम भी लगा होगा. ये एक मिसाइल रोधी प्रणाली है जो विमान को इन्फ्रारेड मिसाइलों से बचाती है.

विमान में चाफ एंड फ्लेयर्स सिस्टम लगा है. इसके होने से रडार ट्रैकिंग मिसाइल से खतरा होने पर बादलनुमा चाफ छूटते हैं जिसमें छिपकर विमान आसानी से आगे निकल जाता है. विमान में मिरर बॉल सिस्टम लगा है जो विमान को इंफ्रारेड मिसाइल से बचाती है.

विमान में हवा में ही ईंधन भरने की सुविधा मौजूद है. इस विमान में एक बार हवा भरने के बाद ये लगातार 17 घंटे तक की उड़ान भर सकता है. विमान में सुरक्षित सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम लगा है. इसमें सबसे आधुनिक और सुरक्षित सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम भी लगा है. ये किसी भी आपात स्थिति में बिना टैप किए जाने की संभावना के सुरक्षा एजेंसियों को सटीक सूचना उपलब्ध करवा देगा.

Posted By- Suraj Kumar Thakur

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