China Boycott News: बीजेपी के मंत्री बोले चाइनीज मत खाओ, पासवान ने कहा BIS की सख्ती लगाएंगे

china boycott news, china india news, india china, china products in india : पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन का भारत के साथ टकराव मोल लेना अब धीरे-धीरे महंगा साबित होता दिखाई दे रहा है. चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत के 20 सैनिकों की शहादत के बाद देश के आम अवाम का गुस्सा अपने चरम पर है. आलम यह कि देश में चीनी उत्पादों के बहिष्कार को लेकर संसद से लेकर सड़क तक आवाज उठने लगी है. चीन की हरकतों और उसके उत्पादों को बहिष्कार करने को लेकर बीते मंगलवार से ही सोशल मीडिया और सड़क पर विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है. गुरुवार को अब सरकार के स्तर पर भी चीनी उत्पादों के बहिष्कार करने की अपील की जा रही है.

नयी दिल्ली : पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन का भारत के साथ टकराव मोल लेना अब धीरे-धीरे महंगा साबित होता दिखाई दे रहा है. चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत के 20 सैनिकों की शहादत के बाद देश के आम अवाम का गुस्सा अपने चरम पर है. आलम यह कि देश में चीनी उत्पादों के बहिष्कार को लेकर संसद से लेकर सड़क तक आवाज उठने लगी है. चीन की हरकतों और उसके उत्पादों को बहिष्कार करने को लेकर बीते मंगलवार से ही सोशल मीडिया और सड़क पर विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है. गुरुवार को अब सरकार के स्तर पर भी चीनी उत्पादों के बहिष्कार करने की अपील की जा रही है.

गुरुवार को भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट्स ट्विटर पर खुद का वीडियो ट्वीट किया, ‘चायना धोखेबाज देश है. चायना को सबक सिखाने के लिए एक दिन आरपार की लड़ाई चायना के साथ लड़नी चाहिए.’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ‘चायना के प्रोडक्ट्स का इंपोर्ट न करें. चायना के माल का बहिष्कार करें. चीन से कोई भी सामग्री का आयात न करें. चायनीज फूड का भी बहिष्कार करें.’

सरकारी समाचार एजेंसी भाषा की ओर से जारी खबर के अनुसार, गुरुवार को ही केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने गुरुवार को लोगों से चीन के उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की. इसके साथ ही, उन्होंने अपने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कार्यालय में दैनिक इस्तेमाल के लिए कोई भी चीनी उत्पाद नहीं खरीदें. भारत-चीन के बीच सीमा पर तनाव बढ़ने के बीच पासवान का यह बयान आया है.

पासवान ने कहा कि मैं हर किसी से अपील करना चाहता हूं कि चीन जिस तरह का व्यवहार कर रहा है, हम सभी चीनी उत्पादों का बहिष्कार करें. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चीन से आयात किये गये उत्पादों पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के गुणवत्ता नियमों को कड़ाई से लागू करेगी.

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने चीन से दीये और फर्नीचर जैसे स्तरहीन उत्पादों के अवैध आयात पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि बीआईएस द्वारा निर्धारित गुणवत्ता नियमों को सरकार सख्ती से लागू करेगी. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के तत्वावधान में बीआईएस ने अब तक विभिन्न उत्पादों के लिए 25,000 से अधिक गुणवत्ता नियम तैयार किए हैं.

उधर, सोशल मीडिया पर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अभिनेताओं ने भी चीनी उत्पादों के बहिष्कार करने की अपील की है. फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन, मनोज जोशी और संग्राम सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स से चीनी उत्पादों के बहिष्कार और एक स्वस्थ और ‘देसी’ विकल्प अपनाने की अपील की है. उनके अलावा, अन्य दूसरे कलाकारों ने चीनी सामानों पर बहिष्कार की मांग की हैं.

देश की राजधानी दिल्ली में एम्स के चिकित्साकर्मियों ने गलवान घाटी में शहीद हुए 20 भारतीय जवानों की याद में कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी.

असम में भारत रक्षा मंच के सदस्यों ने गलवान घाटी में जान गंवाने वाले 20 सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. भारत रक्षा मंच की प्रदेश प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा कि अगर पूरा भारत एकजुट हो जाए, तो चीन अपने घुटनों पर आ जाएगा. इसके साथ ही, देश के विभिन्न हिस्सों में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की आवाज बुलंद की जा रही है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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