Viral Video : पिंजरे में डालते ही नींद से जागी बाघिन, डर से चिल्लाए लोग- अरे उठी गेलो

Viral Video : बाघिन ‘जीनत’ को आखिरकार बांकुड़ा के रानीबांध के गोसाईडीही जंगल से पकड़ लिया गया है. इसके बाद वन अधिकारियों ने राहत की सांस ली. नींद की गोली कई बार दागी गयी थी. बाघिन को ओडिशा के सिमलीपाल अभ्यारणय में ले जाया जायेगा. देखें बाघिन को पकड़ने का पूरा वीडियो

Viral Video : आखिरकार रविवार दोपहर बाघिन ‘जीनत’ को पकड़ लिया गया. वनकर्मियों की नजर जब जीनत पर पड़ी तो उसे सुलाने के लिए नींद की गोली दागी गई. उसके बेहोश होते ही वनकर्मियों ने पिंजरे में उसे कैद कर लिया. पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आया है. इसमें नजर आ रहा है कि कुछ लोग कंधे पर बाघिन को टांगकर ला रहे हैं. इसके बाद उसे पिंजरे में डाला गया. उसे पिंजरे में डालने की कोशिश की ही जा रही थी कि वह जाग गई. इसके बाद वहां मौजूद लोग कहते सुने जा सकते हैं- अरे उठी गेलो…इसके बाद लोग डर जाते हैं. देखें वीडियो

शनिवार की सुबह जीनत पुरुलिया के पहाड़ी जंगल से होकर बांकुड़ा के रानीबांध के गोसाईडीही गांव के पास के जंगल में घुस गयी थी. इसके बाद से वनकर्मी लगातार बाघिन जीनत पर पैनी नजर रख रहे थे. इलाके में नायलॉन का जाल लगाया गया था. आग तक लगायी गयी थी. इलाके में बैरिकेडिंग कर दी थी. बाघिन ‘जीनत’ पर शनिवार से ही रेडियो कॉलर और ड्रोन की मदद से बाघिन के लोकेशन पर कड़ी निगरानी रखी गयी. बाघिन को पकड़ने के लिए इलाके को नायलॉन जाल से घेरा गया था. लेकिन फिर भी उस पर काबू नहीं पाया जा सका था. उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा था. मामले ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी. शनिवार दोपहर को जब वनकर्मियों की नजर जीनत पर पड़ी थी तो उसे वश में करने के लिए नींद की गोली दागी गयी थी. गोली बाघिन को लगी कि नहीं इसे लेकर वन विभाग के लोग कंफर्म नहीं थे.

रविवार की सुबह बाघिन की आवाज और पैरों के निशान देखकर सभी संशय में पड़ गये. इलाके को जाल से घेर दिया गया. इससे पहले शनिवार को दो बार नींद की गोली दागी गयी थी. फिर भी जीनत काबू में नहीं आयी थी. रविवार को भी सुबह गोली दागी गयी लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई कि उसे गोली लगी कि नहीं. दोपहर को फिर चौथी बार गोली दागी गयी और आखिरकार बाघिन जीनत काबू में आ गयी. वनकर्मियों के जाल में वह फंस गयी.

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बांकुड़ा के डीएम सियाद एन, बांकुड़ा के एसपी वैभव तिवारी के साथ ही जिला प्रशासन एवं वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. जीनत को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.

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By Amitabh kumar

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अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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