कांग्रेस स्थापना दिवस पर राहुल गांधी का ये वीडियो हुआ वायरल, जानें क्यों सोनिया गांधी ने झटका उनका हाथ…

वीडियो को देखकर जैसा प्रतीत हो रहा है कि अंबिका सोनी और सोनिया गांधी संभवत: राहुल गांधी की कुछ शिकायत कर रहे हैं जिसपर मां को मनाने के लिए छोटे बच्चे की तरह राहुल गांधी उनसे अपना प्रेम प्रकट करते हैं

कांग्रेस के 138वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वायरल वीडियो में राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के साथ प्रेम और मनुहार करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में सोनिया गांधी के साथ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी और राहुल गांधी हैं.

छोटे बच्चे की तरह मां से प्रेम निवेदन कर रहे हैं राहुल

वीडियो को देखकर जैसा प्रतीत हो रहा है कि अंबिका सोनी और सोनिया गांधी संभवत: राहुल गांधी की कुछ शिकायत कर रहे हैं जिसपर मां को मनाने के लिए छोटे बच्चे की तरह राहुल गांधी उनसे अपना प्रेम प्रकट करते हैं और मनुहार करते हुए उनके गालों को छूते हैं.


राहुल गांधी ने हाल में एक तस्वीर ट्‌वीट की थी

हालांकि सोनिया गांधी उनके हाथ को हटा देती हैं, जिसपर राहुल गांधी मुस्कुराते हैं. यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के अपने लुक में हैं. अपनी दाढ़ी बढ़ाये हुए हैं. हाल ही में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी की एक तस्वीर बहुत वायरल हुई थी, जिसे राहुल गांधी ने ट्‌वीट किया था. राहुल गांधी ने फोटो का कैप्शन डाला था-इनसे जो मोहब्बत मिली है उसे दुनिया में बांट रहा हूं.

Also Read: Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक, कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने गृह मंत्री को लिखी चिट्ठी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >