Viral Video : मरे हुए बच्चे को सीने से चिपकाकर भागती रही बंदरिया, वीडियो देख आ जाएंगे आंसू

Viral Video : सोशल मीडिया पर एक बंदर के बच्चे का वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें नजर आ रहा है कि वह मरा हुआ है जबकि उसकी मां उसे अपने साथ टांगकर चल रही है. देखें ये वायरल वीडियो आप भी.

Viral Video : सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में नजर आ रहा है कि अपने बच्चे को पकड़कर बंदरिया चल रही है जबकि उसका बच्चा मृत है. इस वीडियो को फेसबुक पर रमेश सिंह नाम के यूजर ने शेयर किया है. वीडियो शेयर करते हुए यूजर ने लिखा कि आज पलामू जाने के क्रम में एक अत्यंत मार्मिक करुणादायक दृश्य देखने को मिला. रास्ते मे हनुमान को फल खिलाते हुए एक मां दिखी जो आपने मरे हुए बच्चे को अपने सीने से लिपटा के उसके जागने का इंतजार करते दिखी. इस पीड़ादायक तस्वीर को देख के मन व्यथित हो गया. इस मां को मेरा सादर प्रणाम….🙏🏼🙏🏼 मां से छोटा कोई शब्द हो तो बताओ, मां से बड़ा भी कोई हो तो बताओ…आप भी देखें ये वायरल वीडियो.

क्या नजर आ रहा है वीडियो में

वीडियो पलामू का बताया जा रहा है जो झारखंड में पड़ता है. वीडियो में नजर आ रहा है कि कुछ लोग बंदर को केला दे रहे हैं. बंदरिया को भी एक केला दिया जाता है. इस केले को लेकर वह जंगल की ओर भाग जाती है. उसके एक हाथ में केला है जबकि दूसरे में मृत बच्चा.

वीडियो पर यूजर कर रहे हैं कमेंट

इस वायरल वीडियो पर यूजर लगातार कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि मां के दिल से बड़ा कोई दिल नहीं..वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि आंख में आसू आ गया…दर्द कितना है बोल कर नहीं कहां जा सकता…एक अन्य यूजर ने लिखा कि ना बोल पाने का दर्द कोई इनको देख कर महसूस कर सकता है.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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