Parliament Monsoon Session: 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाले इस मानसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए रविवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में हुई बगावत के मामलों को लेकर पूरे विपक्ष ने बैठक से कुछ देर के लिए वॉकआउट किया.
बैठक में विपक्ष ने इन विषयों को उठाया
बैठक अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी, सोनम वांगचुक के अनशन, विदेश नीति, पेपर लीक और कुछ अन्य विषयों को विपक्ष द्वारा उठाया गया. समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि वह राम मंदिर चढ़ावा मामले को संसद में पुरजोर तरीके से उठाएगा. सरकार ने कुछ नए विधेयकों की घोषणा की है जिन्हें आगामी मानसून सत्र के दौरान लोकसभा या राज्यसभा में पेश किया जाएगा.
किस बात को लेकर विपक्ष ने जताया विरोध
विपक्ष का कड़ा विरोध इस बात पर था कि लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष अंतिम फैसला लंबित होने के बावजूद, टीएमसी के 20 बागी सांसदों के नए गुट 'नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) को बैठक में क्यों आमंत्रित किया गया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे 'मोदी सरकार का तानाशाही फैसला' बताते हुए विरोध दर्ज कराया, वहीं शिवसेना (UBT) के अरविंद सावंत ने बागी सांसदों को मान्यता देने पर सवाल उठाए.
सरकार इन विधेयकों को करेगी पेश
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 : यह विधेयक 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' में संशोधन के लिए लाया जा रहा है. इसके माध्यम से सरकार हमारे राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के सम्मान को कानूनी रूप से और मजबूत करना चाहती है. इस विधेयक में प्रावधान है- यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है या इसके गायन में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न करता है, तो उसे दंडनीय अपराध माना जाएगा.
जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 : यह विधेयक देश में जन्म और मृत्यु के आंकड़ों को अधिक सटीक और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है. इसका मुख्य लक्ष्य जन्म और मृत्यु के देर से होने वाले पंजीकरण पर लगाम लगाना है. इस विधेयक का प्रावधान है, इसके तहत विलंबित पंजीकरण से जुड़े नियमों और कानूनी प्रावधानों को पहले से कहीं अधिक सख्त बनाया जाएगा.
आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 : यह विधेयक पहले से जारी एक अध्यादेश (Ordinance) को स्थाई कानून का रूप देने के लिए लाया जा रहा है. इसका उद्देश्य भारत सरकार की प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत या व्यक्तिगत निवेशकों को आकर्षित करना. इस विधेयक के तहत सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को मिलने वाली कर छूट के प्रावधानों को औपचारिक और स्थाई रूप दिया जाएगा.
बैठक में कौन-कौन थे शामिल?
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी और कोडिकुनिल सुरेश, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए.
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