Vande Bharat Sleeper Train: पटरियों पर जल्द दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, रफ्तार 160 KM प्रति घंटा, जानें खासियत

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेल द्वारा बहुत जल्द वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाने वाला है. वंदे भारत ट्रेन की तरह वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का निर्माण भी स्वदेशी तकनीक से किया जा रहा है.

  • अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
  • दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय की सुविधा
  • 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन

Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पैसेंजर सेफ्टी के साथ-साथ लोको पायलट और अटेंडेट्स की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है. लोको कैब को बेहतर बनाया गया है, साथ ही यह ट्रेन टक्कर रोधी कवच प्रणाली से लैस है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का डिजाइन और इसका इंटीरियर काफी आकर्षक और इसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इस ट्रेन में USB चार्जिंग प्रावधान के साथ रीडिंग लाइट, सार्वजनिक घोषणा और विजुअल इन्फॉर्मेशन प्रणाली, इनसाइड डिस्प्ले पैनल और सिक्योरिटी कैमरे व मॉड्यूलर पैंट्री की सुविधा है. इसके साथ ही दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अतिरिक्त, फर्स्ट एसी डिब्बे में यात्रियों के लिए गर्म पानी के शॉवर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है.

Vande Bharat Sleeper Train: बहुत जल्द होगा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल जल्द शुरू होने वाला है और उसके पश्चात इस ट्रेन को देश के विभिन्न रेल मार्गों पर संचालित किया जाएगा. वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को लंबे रेल रूट्स पर संचालित किया जाएगा और इस ट्रेन से भारत में लंबी दूरी की रेल यात्रा में क्रांति आने की उम्मीद है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आराम, सुरक्षा और दक्षता के मामले में नए मानक स्थापित करेगी.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने निर्माण कार्य का लिया जायजा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज बेंगलूरु में उत्पादन इकाई का दौरा किया और वहां वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के उत्पादन का निरीक्षण किया. इस दौरान केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी सोमन्ना भी उनके साथ मौजूद रहे. रेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर के उत्पादन में कार्यरत कर्मचारियों से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन भी किया.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की मुख्य विशेषताएं

  • ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील ट्रेनसेट
  • यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेनसेट में दुर्घटना-रोधी विशेषताएं
  • GFRP पैनलों के साथ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ इंटीरियर
  • एरोडायनामिक बाहरी लुक
  • मॉड्यूलर पेंट्री
  • EN 45545 के अनुसार फायर सेफ्टी जोखिम स्तर: 03
  • दिव्यांगों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय
  • स्वचालित बाहरी यात्री दरवाजे
  • सेंसर आधारित इंटर कम्युनिकेशन डोर
  • अंतिम दीवार पर दूर से संचालित अग्नि अवरोधक दरवाजे
  • एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई गंध रहित शौचालय प्रणाली
  • लोको पायलट के लिए शौचालय
  • प्रथम एसी कार में गर्म पानी से स्नान
  • USB चार्जिंग प्रावधान के साथ एकीकृत रीडिंग लाइट
  • सार्वजनिक घोषणा और दृश्य सूचना प्रणाली
  • सामान रखने के लिए बड़ा लगेज रूम
    ट्रेन का प्रदर्शन: Maximum operational speed during service
    160 kmph
    Maximum operational speed during testing
    180 kmph

3 नयी वंदे भारत ट्रेन की सौगात, देखें वीडियो

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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