उत्तराखंड सुरंग हादसा : उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों में से 15 झारखंड के हैं. इन मजदूरों में से एक मजदूर की रिश्तेदार सुनीता हेम्ब्रम ने आज मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके देवर सुरंग में फंसे मजदूरों में शामिल हैं.
सुनीता हेम्ब्रम ने बताया कि उनकी बात अपने देवर से हुई है. सुनीता ने बताया कि उनकी स्थिति स्थिर है, वे सुरक्षित हैं और स्वस्थ हैं. सरकार की ओर से उन्हें खाना और कपड़ा उपलब्ध कराया गया है.
सुनीता हेम्ब्रम ने उम्मीद जताई कि शायद गुरुवार तक संभवत: मजदूरों को सुरंग से बाहर निकाल लिया जाएगा. सुनीता ने बताया कि सुरंग में फंसे मजदूरों से डाॅक्टर ने बातचीत की है और उनका हाल जाना है.
आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आॅगर मशीन काम कर रहा है और हमें उम्मीद है कि जल्दी ही सभी श्रमिक भाई बाहर निकलेंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धामी से बातचीत करके बचाव कार्य के बारे में जानकारी ली थी.
सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. बचाव कर्मियों ने दूसरी ओर से ड्रिल करके लगभग 39 मीटर का सुरंग बना लिया है, जल्दी ही वे 60 मीटर का सुरंग बना लेंगे और मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा.
उत्तरकाशी के सिलक्यारा में दीपावली के दिन 12 नवंबर को सुरंग हादसा हुआ था, जिसके बाद वहां 41 मजदूर फंस गए हैं. इन मजदूरों को पाइपलाइन के जरिए खाना और पानी पहुंचाया जा रहा है. सुरंग में फंसे कई अन्य मजदूरों के रिश्तेदारों ने भी उनसे बात की और उनका हालचाल जाना. विक्रम नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि उनका छोटा भाई सुरंग में फंसा हुआ है. उससे मंगलवार शाम को बात हुई थी, वह सुरक्षित है और स्वस्थ है.
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