UPSC result : सिविल सेवा परीक्षा 2022 का परिणाम घोषित, लड़कियों का बजा डंका, इशिता किशोर टाॅपर

इशिता किशोर, गरिमा लोहिया और उमा हरथी एन टाॅपर बनी हैं. संभवत: पहली बार टाॅप चार में सभी महिलाएं हैं. स्मृति मिश्रा चौथे और मयूर हजारिका पांचवें स्थान पर जगह बनाने में कामयाब रहे हैं. इस परीक्षा के माध्यम से आईएएस के लिए कुल 180, आईपीएस के लिए 200, आईएफएस के लिए 38 लोगों का चयन हुआ है.

यूपीएससी ने आज 2022 सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है. इशिता किशोर, गरिमा लोहिया और उमा हरथी एन टाॅपर बनी हैं. सिविल सेवा परीक्षा 2022 में लड़कियों का डंका बजा है और संभवत: पहली बार टाॅप चार में सभी महिलाएं हैं. स्मृति मिश्रा चौथे और मयूर हजारिका पांचवें स्थान पर जगह बनाने में कामयाब रहे हैं.

कुल 933 कैंडिडेट सफल घोषित

आज जारी यूपीएससी के परिणाम के अनुसार कुल 933 कैंडिडेट सफल हुए हैं जिनमें से 345 जेनरल, 99 ईडब्ल्यूएस, ओबीसी 263, एससी 154 और एसटी 72 कैटेगरी से सफल घोषित हुए हैं. रिजल्ट देखने के लिए क्लिक करें.

सितंबर में हुई थी परीक्षा

यूपीएसी की लिखित परीक्षा सितंबर महीने में हुई थी और इंटरव्यू इस साल जनवरी से मई के बीच हुए थे. इस परीक्षा के माध्यम से आईएएस के लिए कुल 180, आईपीएस के लिए 200, आईएफएस के लिए 38 लोगों का चयन हुआ है. भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य पदों के लिए अधिकारियों का चयन करने के लिए UPSC तीन चरणों प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण) में आयोजित करता है.सेलेक्शन के तीन चरणों के बाद इन सेवाओं में नियुक्ति के लिए कुल 933 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है. इनमें से 345 जेनरल के हैं, 99 ईडब्ल्यूएस, 263 ओबीसी, 154 एससी और 72 एसटी उम्मीदवार हैं.

टाॅपर्स की लिस्ट

1.इशिता किशोर

2. गरिमा लोहिया

3. उमा हरति एन

4. स्मृति मिश्रा

5. मयूर हजारिका

6. गहना नव्या जेम्स

7. वसीम अहमद भट

8. अनिरुद्ध यादव

9. कनिका गोयल

10. राहुल श्रीवास्तव.

11 परसंजीत कौर.

12. अभिनव सिवाच

13. विदुषी सिंह

14. कृतिका गोयल

15. स्वाति शर्मा

16. शिशिर कुमार सिंह

17. अविनाश कुमार

18. सिद्धार्थ शुक्ला

19. लघिमा तिवारी

20. अनुष्‍का शर्मा

सफल 933 में से 320 महिलाएं

आयोग ने कुल 933 उम्मीदवारों (613 पुरुष और 320 महिलाएं) के नाम की सिफारिश की. इशिता किशोर (रोल नंबर 5809986) ने सिविल सेवा परीक्षा, 2022 में पहला स्थान प्राप्त किया है. उन्होंने वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीति विज्ञान और इंटरनेशनल रिलेशंस के साथ परीक्षा पास की. उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स (ऑनर्स) में स्नातक किया है. दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से कामर्स में स्नातक गरिमा लोहिया (रोल नंबर 1506175) ने वैकल्पिक विषय के रूप में कॉमर्स और एकाउंटिंग के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया. उमा हरथी एन (रोल नंबर 1019872), आईआईटी, हैदराबाद से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक (बीटेक) हैं. वह तीसरे स्थान पर रहीं. स्मृति मिश्रा (रोल नंबर 0858695), मिरांडा हाउस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (बीएससी) हैं . वह चौथे स्थान पर रहीं. शीर्ष 25 उम्मीदवारों में 14 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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