UPSC चेयरमैन मनोज सोनी ने कार्यकाल खत्म होने से पांच साल पहले ही दिया इस्तीफा

UPSC Chairperson Manoj Soni Resigns : UPSC चेयरमैन मनोज सोनी ने कार्यकाल खत्म होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया है. सोनी का इस्तीफा प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर से जुड़े विवाद से संबंधित नहीं है. जानें तो क्या है वजह

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के अध्यक्ष मनोज सोनी के इस्तीफे की खबर आ रही है. जानकारी के अनुसार,कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया है. उनका कार्यकाल 2029 में समाप्त होने वाला था.

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सूत्र के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने खबर दी है कि यूपीएससी के चेयरमैन मनोज सोनी ने निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया है. उनका इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है. यूपीएससी अध्यक्ष ने निजी कारणों का हवाला देते हुए करीब 15 दिन पहले इस्तीफा सौंप दिया था. इसे अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है.

इस्तीफे का पूजा खेडकर से जुड़े विवाद से कोई नाता नहीं

सूत्रों के हवाले से जो खबर सामने आ रही है उसके अनुसार, सोनी का इस्तीफा प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर से जुड़े विवाद से संबंधित नहीं है, जिन पर कथित तौर पर चयनित होने के लिए फर्जी विकलांगता और जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का आरोप है.

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यूपीएससी अध्यक्ष बनने के इच्छुक नहीं थे मनोज सोनी

प्रख्यात शिक्षाविद् सोनी की उम्र 59 साल की है. उन्होंने 28 जून, 2017 को आयोग के सदस्य के रूप में पदभार संभाला था. 16 मई, 2023 को यूपीएससी अध्यक्ष के रूप में शपथ ली थी. उनका कार्यकाल 15 मई, 2029 को समाप्त होना था. खबरों की मानें तो सोनी यूपीएससी अध्यक्ष बनने के इच्छुक नहीं थे. उन्होंने पद से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया था, लेकिन तब उनका अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया था.

जो बात सामने आ रही है उसके अनुसार, मनोज सोनी अब ‘सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों’ पर अधिक वक्त देना चाहते हैं. यूपीएससी में अपनी नियुक्ति से पहले सोनी ने कुलपति के रूप में तीन कार्यकाल पूरे किए थे.

किसी विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने थे मनोज सोनी

मनोज सोनी ने 1 अगस्त 2009 से 31 जुलाई 2015 तक डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मुक्त विश्वविद्यालय (बीएओयू), गुजरात के कुलपति के रूप में लगातार दो कार्यकाल और अप्रैल 2005 से अप्रैल 2008 तक बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (एमएसयू) के कुलपति के रूप में 1 कार्यकाल पूरा किया. एमएसयू में नियुक्त होने के दौरान सोनी भारत में किसी विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने थे.
(इनपुट पीटीआई)

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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