UPPSC Protest: यूपीपीएससी के फैसले से छात्र खुश, धीमा पड़ा आंदोलन

UPPSC Protest: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के निर्णय के बाद छात्र आंदोलन धीमा पड़ता नजर आ रहा है. जानें प्रदर्शनकारियों ने क्या कहा

UPPSC Protest: पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा एक ही दिन कराने का निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने वापस ले लिया है. इसके बाद आयोग के कार्यालय के सामने जारी छात्र आंदोलन शुक्रवार को धीमा पड़ता नजर आ रहा है. छात्र शिव कुमार मौर्य ने बताया कि छात्र प्रदर्शनकारियों की संख्या गुरुवार तक 10,000 से ज्यादा थी. ये अब घट चुकी है. शुक्रवार सुबह यह कम होकर सैकड़ों में रह गई. प्रदर्शनकारी छात्रों की संख्या कम होने के बाद आयोग के सामने की एक सड़क लोगों के आने-जाने के लिए खोल दी गई.

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने अभ्यर्थियों की मांगों को स्वीकार किया है. समीक्षा अधिकारी (आरओ) और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) की परीक्षा स्थगित कर दी गई है. प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) प्रारंभिक परीक्षा को पुराने पैटर्न पर आयोजित करने की घोषणा की गई है.

पीसीएस की तैयारी कर रहे छात्र गणेश द्विवेदी ने कहा कि सरकार ने पीसीएस की परीक्षा एक दिन में कराने का बहुत अच्छा निर्णय किया है. इससे पीसीएस की परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों में बहुत खुशी है. वहीं एक अन्य छात्र मयंक जैन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार आरओ-एआरओ की परीक्षा पर भी जल्द निर्णय करेगी. इसी मांग को लेकर छात्र धरने पर बैठे हैं.

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छात्र दीपक सिंह ने कहा कि यह फैसला (पीसीएस परीक्षा एक दिन में कराने का) सही समय पर लिया गया है. इस निर्णय से छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा. वे निश्चिंतता से परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे. इसी तरह, एक अन्य छात्र देवेंद्र प्रजापति ने कहा कि हमें मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है कि वह आयोग को आरओ-एआरओ पर भी जल्द निर्णय करने का निर्देश देंगे. इससे इस परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र निश्चिंतता के साथ तैयारी कर सकेंगे.
(इनपुट पीटीआई)

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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