यूपी चुनाव 2021 : योगी आदित्यनाथ इस बार अयोध्या से लड़ेंगे विधानसभा चुनाव !

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार के विधानसभा चुनाव में अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं. इस खबर पर चर्चा शुरू होने के बाद अयोध्या के वर्तमान विधायक वेद प्रकाश गुप्ता उनके लिए अपनी सीट छोड़ने को तैयार हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार के विधानसभा चुनाव में अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं. इस खबर पर चर्चा शुरू होने के बाद अयोध्या के वर्तमान विधायक वेद प्रकाश गुप्ता उनके लिए अपनी सीट छोड़ने को तैयार हैं. इंडिया टुडे में छपी खबर के अनुसार विधानसभा चुनाव में अब मात्र छह-सात महीने का ही समय बचा हुआ है ऐसे में प्रदेश में राजनीति शुरू हो गयी है.

अयोध्या के वर्तमान विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा है कि यह हमारे लिए गर्व का विषय होगा अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या से चुनाव लड़ते हैं. अगर अयोध्या के लोग मुख्यमंत्री की प्राथमिकता सूची में हैं तो यह हमारे लिए सम्मान की बात है.वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि अगर सीएम योगी अयोध्या से चुनाव लड़ते हैं तो मैं खुद उनके कैंपेन करूंगा. भाजपा की प्रदेश में दोबारा सरकार बनेगी यह तय है.

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योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि जो विधायक यह चाहते हैं कि योगी आदित्यनाथ अयोध्या से चुनाव लड़ें उन्हें यह जवाब देना होगा कि इन पांच वर्षों में उन्होंने आम जनता के लिए क्या किया? कितने बेरोजगारों को नौकरी दी? कितने गांवों तक पीने का पानी पहुंचा.

सीएम योगी आदित्यनाथ हेडलाइन मैनेजमेंट के लिए काम करते हैं, लेकिन विधायक वेद प्रकाश गुप्ता अगर अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करें तो बेहतर होगा.

योगी सरकार ने जनता के लिए कुछ नहीं किया

योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने की खबरों के बीच सपा की प्रवक्ता जूही सिंह ने कहा कि योग सरकार के शासनकाल में प्रदेश में आम जनता बेहाल हुआ है. बेरोजगारी बढ़ी है. स्वास्थ्य सुविधाएं सही नहीं हैं. योगी आदित्यनाथ कहीं से भी चुनाव लड़ें लेकिन इन सवालों का जवाब देना होगा कि उनके राज में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं? महिलाओं के खिलाफ प्रताड़ना के मामले कितने कम हुए?

ब्राह्मणों को साधने में जुटी बसपा-सपा

गौरतलब है कि सीएम योगी आज अयोध्या दौरे पर गये थे. उन्होंने हनुमानगढ़ी में पूजा भी की. इधर यूपी में चुनाव को लेकर राजनीति तेज हो गयी है और सभी पार्टियां अपने -अपने वोटर्स को साधने में जुट गयीं हैं. इसी क्रम में बसपा के बाद अब समाजवादी पार्टी भी ब्राह्मणों को अपनी तरफ करने के लिए ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन करने वाली है. पहला सम्मेलन बलिया में आयोजित किया जायेगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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