Unlock 1/Lockdown 5: नियम तोड़ने पर होगी ये सजा,भरना होगा जुर्माना, जान लें नहीं तो पड़ जाएंगे चक्कर में

लॉकडाउन-4 (lockdown 4) के बाद अब देश में अनलॉक (Unlock 1) सीरीज की शुरुआत केंद्र सरकार ने की है जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन (Lockdown 5) से पूरी तरह राहत देने की तैयारी है, हालांकि इस दौरान लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा. अनलॉक 1(Unlock 1 latest update) एक जून से शुरू हो रहा है जो 30 जून तक प्रभावी रहेगा.

लॉकडाउन-4 के बाद अब देश में अनलॉक सीरीज की शुरुआत केंद्र सरकार ने की है जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन से पूरी तरह राहत देने की तैयारी है, हालांकि इस दौरान लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा. अनलॉक 1 एक जून से शुरू हो रहा है जो 30 जून तक प्रभावी रहेगा. अनलॉक 1 के दौरान केवल कंटेनमेंट जोन में पूरी पाबंदी प्रशासन की ओर से की जाएगी. इस बीच एक बात आपको हम बता दें जो आपके लिए जानना जरूरी है. जी हां, महामारी के दौरान सरकार आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 और आईपीसी की धारा-188 के तहत कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है. आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत आप भी जानें किन परिस्थितियों में कार्रवाई की जाती है…

1. बिना किसी वजह के यदि आप किसी अधिकारी या अन्य सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा पहुंचाते हैं तो धारा-51 के तहत एक साल की सजा व जुर्माना आपको देना पड़ेगा.

2. इस कोरोना काल में केंद्र और राज्य सरकार की तरफ निर्देश दिये गये हैं जिनका पालन आपको करना है. यदि आप ऐसा नहीं करते तो धारा-51 के तहत आप के ऊपर कार्रवाई की जाएगी. इस धारा के तहत एक साल की सजा व जुर्माना का प्रावधान है.

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3. यदि आप सरकारी राहत कार्यों को लेकर किसी तरह का झूठा दावा करते नजर आते हैं तो आपके ऊपर धारा-52 के तहत कार्रवाई की जाएगी. इस धारा के तहत दो साल की सजा व जुर्माना का प्रावधान है.

4. यदि आप राहत अभियान के तहत मिले सामान या पैसे में घोटालेबाजी करते पकड़े गये तो आपके ऊपर धारा-53 के तहत कार्रवाई की जाएगी. इस धारा के तहत दो साल की सजा व जुर्माना का प्रावधान है.

5. आपदा या महामारी को लेकर किसी तरह की झूठी अफवाह फैलाते यदि आप पकड़े जाते हैं तो प्रशासन आपके ऊपर धारा-54 के तहत कार्रवाई करेगी जिसमें एक साल की सजा या जुर्माना का प्रावधान है.

6. किसी सरकारी विभाग की तरफ से किए गए अपराध के लिए विभागीय प्रमुख को दोषी ठहराया जाएगा और उसके विरुद्ध धारा-55 (1) के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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इसलिए इन नियमों को आप अच्छी तरह से समझ लें नहीं तो आपसे अगर गलती हुई तो आप चक्कर में पड़ जाएंगे.

Posted By: Amitabh Kumar

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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