छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा, "यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंतर-मंतर और देश भर के हालात का फायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे, और भारत के छात्र कानूनी पेचीदगियों में न फंसें बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है."
युवाओं का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे : प्रधान
अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे सदैव देश की प्रजातांत्रिक शक्ति और युवाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करते आए हैं. पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से वे व्यथित थे.
"देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है. जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और भारत के किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है."
प्रधान ने NEET-UG परीक्षा पर दी सफाई
इस्तीफे पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने संपन्न हुई NEET-UG परीक्षा के पूरे घटनाक्रम का ब्योरा भी साझा किया.
- 3 मई 2026 की परीक्षा में गड़बड़ी: 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितता सामने आने पर सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुन: परीक्षा आयोजित की. इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-Based Test) मोड में कराने का फैसला लिया गया.
- 21 जून को दोबारा परीक्षा: केंद्र, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के सहयोग से 21 जून 2026 को 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की गई.
- 16 जुलाई के परिणाम: 16 जुलाई को घोषित नतीजों में गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले कई मेधावी छात्रों को सफलता मिली.
कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की : धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पहले ही दिन से उन्होंने इस पूरी परिस्थिति की जिम्मेदारी ली थी और संकल्प लिया था कि किसी भी मेधावी छात्र का नुकसान परीक्षा माफिया के कारण नहीं होने देंगे. हालांकि, उन्होंने अफसोस जताया कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने और बाधा डालने की कोशिश की, जिससे उनका मन व्यथित हुआ.
प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार
धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले चार दशकों से अधिक समय से शिक्षा सुधारों और छात्रों के हित में अपने समर्पण का जिक्र किया. उन्होंने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की. इसके अलावा, उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी आभार माना. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी और भगवान श्री जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से वे भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे.
