Twisha Sharma Case: परिवार को न्याय की आस! CJI की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Twisha Sharma Case : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित तौर पर दहेज उत्पीड़न के कारण जान गंवाने वाली नोएडा की निवासी मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा का रविवार (24 मई) को अंतिम संस्कार कर दिया गया. मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है.

Twisha Sharma Case : परिवार को न्याय की आस! CJI की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: मॉडल और अभिनेत्री  ट्विशा शर्मा मौत मामले में आज (25 मई) सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. ट्विशा 12 मई को शादी के सिर्फ पांच महीने बाद अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच मामले की सुनवाई करेगी. जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी इस बेंच में शामिल हैं. मामले को ससुराल में युवती की अस्वाभाविक मौत में संस्थागत पक्षपात और प्रक्रिया में गड़बड़ी शीर्षक के तहत सूचीबद्ध किया गया है.ट्विशा शर्मा के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके पति समर्थ सिंह और ससुराल वालों, खासकर सास गिरिबाला सिंह ने जांच को गुमराह करने और मामले को प्रभावित करने की कोशिश की. ट्विशा की मौत के 10 दिन बाद पुलिस ने समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया था.

भोपाल एम्स में ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम किया गया

ट्विशा शर्मा के भाई हर्षित शर्मा ने भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर उनकी चिता को मुखाग्नि दी. इसके साथ परिवार की 12 दिनों का इंतजार खत्म हुआ, लेकिन इंसाफ की लड़ाई अब भी जारी है. अंतिम संस्कार से पहले दिल्ली एम्स की मेडिकल टीम ने भोपाल एम्स में ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम किया. 33 वर्षीय पूर्व मिस पुणे ट्विशा का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था. जैसे ही चिता को आग दी गई, परिवार के लोग खुद को संभाल नहीं सके और फूट-फूटकर रो पड़े.

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लिए जाने से न्याय की उम्मीद जगी

अंतिम संस्कार में देरी हुई क्योंकि एम्स, दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने करीब चार घंटे तक दूसरा पोस्टमार्टम किया. यह प्रक्रिया मुख्य रूप से साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और उन चोटों की जांच पर केंद्रित रही, जिन्हें परिवार के अनुसार शुरुआती जांच में नजरअंदाज किया गया था. ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने बेटी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह मां की तरह हमारी देखभाल करती थी. उसके बिना कैसे जी पाएंगे, पता नहीं. यह मामला आने वाले समय में एक उदाहरण बनेगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लिए जाने से न्याय की उम्मीद जगी है.

आरोपियों की पृष्ठभूमि के बारे में जानें

आरोपियों की पृष्ठभूमि की वजह से यह मामला पूरे देश में चर्चा में आ गया है. ट्विशा के पति समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं, जबकि उनकी सास गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला जज रह चुकी हैं. इसी कारण परिवार जांच पर सवाल उठा रहा है और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहा है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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