ट्विशा शर्मा केस : सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दोनों पक्ष मीडिया में बयान न दें, बोले सॉलिसिटर जनरल- इससे अच्छा बेटी का तलाक हो जाए

Twisha Sharma Case : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित तौर पर दहेज उत्पीड़न के कारण जान गंवाने वाली नोएडा की निवासी मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा का रविवार (24 मई) को अंतिम संस्कार कर दिया गया. मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया.

Twisha Sharma Case : ट्विशा शर्मा मौत मामले में आज (25 मई) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान शीर्ष कोर्ट ने शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम कराने के लिए तुरंत आदेश देने को लेकर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की सराहना की. सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया से ट्विशा शर्मा की मौत के मामले से संबंधित घटनाक्रम की रिपोर्टिंग करते समय संयम बरतने का आग्रह किया.

वहीं आरोपी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि पूर्व न्यायाधीश जांच के संबंध में मीडिया में कोई बयान नहीं देंगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कुछ कार्रवाइयों से हम व्यथित हैं, चीजों को कानून और प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दें.

निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी : सुप्रीम कोर्ट

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच को मध्य प्रदेश सरकार ने बताया कि मामले की जांच अब सीबीआई को सौंपी जाएगी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों और मीडिया से मामले पर बयानबाजी से बचने को कहा. CJI ने कहा कि पीड़ित परिवार या दूसरे पक्ष के बयानों के आधार पर माहौल न बनाया जाए. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, राज्य एजेंसियों और सीबीआई पर कोई शक नहीं है, लेकिन एक खास नैरेटिव बनाया जा रहा है. कोर्ट ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी.

सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट में क्या कहा

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मीडिया के हस्तक्षेप के कारण ही मामले में काफी प्रगति हुई है. आगे सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का सामना करने से बेहतर है कि बेटी का तलाक हो जाए.

भोपाल एम्स में ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम किया गया

अंतिम संस्कार से पहले दिल्ली एम्स की मेडिकल टीम ने भोपाल एम्स में ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम किया. 33 वर्षीय पूर्व मिस पुणे ट्विशा का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था.

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लिए जाने से न्याय की उम्मीद जगी

ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने बेटी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह मां की तरह हमारी देखभाल करती थी. उसके बिना कैसे जी पाएंगे, पता नहीं. यह मामला आने वाले समय में एक उदाहरण बनेगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लिए जाने से न्याय की उम्मीद जगी है.

आरोपियों की पृष्ठभूमि के बारे में जानें

आरोपियों की पृष्ठभूमि की वजह से यह मामला पूरे देश में चर्चा में आ गया है. ट्विशा के पति समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं, जबकि उनकी सास गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला जज रह चुकी हैं. इसी कारण परिवार जांच पर सवाल उठा रहा है और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहा है.

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By Amitabh Kumar

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