ट्विशा शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआई, डमी शव से किया क्राइम सीन रीक्रिएट

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच में सीबीआई ने भोपाल स्थित घटनास्थल का सीज रीक्रिएट किया. जांच एजेंसी ने डमी शव की मदद से पूरे घटनाक्रम को दोहराया.

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के आवास पहुंची. सीबीआई ने घटनास्थल पर जाकर संदिग्ध मौत मामले का पूरा सीन रीक्रिएट किया, और मामले से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया. सीबीआई अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया के दौरान आरोपी गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की मौजूदगी में डमी शव का उपयोग कर घटनाक्रम को दोहराया. एजेंसी ऐसा करने के पीछे की वजह घटना से जुड़ी परिस्थितियों को समझना और मौजूद साक्ष्यों की पुष्टि करना है.

2 जून तक सीबीआई हिरासत में हैं गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह

मामले में भोपाल जिला अदालत ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 2 जून तक पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा है. विशेष न्यायाधीश शोभना भालावे ने सीबीआई को दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के लिए पांच दिनों की हिरासत दी है. जांच एजेंसी इस दौरान मामले से जुड़े तथ्यों, घटनाक्रम और आरोपों की गहन पड़ताल कर रही है.

दिसंबर 2025 में हुई थी शादी

ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह के साथ हुई थी. विवाह के कुछ महीनों बाद ही 12 मई को उनकी मृत्यु हो गई. इसके बाद उनके परिवार ने पति समर्थ सिंह, सास गिरिबाला सिंह और अन्य ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज उत्पीड़न और मानसिक यातना के गंभीर आरोप लगाए. मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 तथा दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत विभिन्न धाराओं में जांच की जा रही है.

द्विशा के परिजन लगा रहे हैं दहेज हत्या का आरोप

ट्विशा शर्मा की 12 मई को भोपाल में मौत हो गई थी. उनका शव फंदे पर लटका मिला था. ट्विशा के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद उन्हें पति और ससुराल पक्ष की ओर से लगातार मानसिक प्रताड़ना झेलना पड़ा. दहेज के लिए उत्पीड़न के कारण उनकी मौत हुई. इस बीच, रविवार को नोएडा में ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मौन विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया. बड़ी संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए और पीड़ित परिवार के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया.

ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा- सच्चाई सामने आएगी

ट्विशा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मामले में न्याय मिलने का भरोसा जताया है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल उनकी बहन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि समाज में दहेज उत्पीड़न के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई बन चुका है. उन्होंने कहा- यह मामला अब सिर्फ ट्विशा का नहीं है. हम यहां अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं. बड़ी संख्या में लोग हमारा समर्थन करने पहुंचे हैं. हमें पूरा विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी और न्याय मिलेगा.

ऋषिकेश में गंगा में विसर्जित की गई अस्थियां

29 मई को ट्विशा शर्मा की अस्थियों का विसर्जन उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी में किया गया. इस दौरान परिवार के सदस्य मौजूद रहे. ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी का ऋषिकेश और गंगा नदी से विशेष लगाव था. इसी कारण परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा और भावनात्मक जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए वहीं अस्थि विसर्जन करने का निर्णय लिया.

सीबीआई कर रही है विस्तार से जांच

ट्वीशा शर्मा की मौत मामले की जांच सीबीआई कर रही है. जांच एजेंसी साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए खुलासे सामने आ सकते हैं.

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Published by: Pritish Sahay

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