Tribal: मोदी सरकार आदिवासी समाज के कल्याण के लिए पूरी तरह है प्रतिबद्ध

शनिवार को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उलिहातू से आये आदिवासी लोगों को अपने सरकारी आवास पर आमंत्रित किया. सभी आदिवासियों को रक्षा राज्य मंत्री ने पांव धोकर स्वागत किया और कहा कि आदिवासी समाज के लोगों का आवास पर स्वागत करना गर्व की बात है. इस दौरान केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल उरांव भी मौजूद रहे. सेठ ने उरांव का भी पांव धोकर परंपरागत तरीके से स्वागत किया.

Tribal: झारखंड के खूंटी से भगवान बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू से कई आदिवासी कथावाचक सुधांशु महाराज के दिल्ली आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं. शनिवार को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उलिहातू से आये आदिवासी लोगों को अपने सरकारी आवास पर आमंत्रित किया. सभी आदिवासियों को रक्षा राज्य मंत्री ने पांव धोकर स्वागत किया और कहा कि आदिवासी समाज के लोगों का आवास पर स्वागत करना गर्व की बात है. इस दौरान केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल उरांव भी मौजूद रहे. सेठ ने उरांव का भी पांव धोकर परंपरागत तरीके से स्वागत किया. उलिहातू से आये आदिवासी लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल उरांव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जन्म स्थान पर जब मैं पहली बार गया था, वहां बुनियादी सुविधाओं की घोर कमी थी. लेकिन अब इस क्षेत्र का व्यापक विकास हुआ है.

आज मैं समाज के प्रतिनिधि के तौर पर केंद्रीय मंत्री के पद पर हूं. पहले आदिवासी मंत्रालय का बजट 8-9 हजार करोड़ रुपये का होता था, लेकिन अब मंत्रालय के पास पैसे की कोई कमी नहीं है. आने वाले समय में आदिवासी बहुल गांव में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सभी तरह की बुनियादी सुविधा मौजूद होगी. मोदी सरकार की कोशिश आदिवासी समाज को सशक्त बनाने की है. आदिवासी समाज की कला, संस्कृति और विरासत को सहेजने का काम किया जा रहा है. यही नहीं आदिवासी नायकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम मोदी सरकार कर रही है. आने वाले समय में समाज के हर जरूरत को पूरा करने का काम किया जायेगा. गौरतलब है कि संजय सेठ सरहुल जैसा कार्यक्रम भी अपने आवास पर आयोजित कर चुके हैं.

आदिवासी नायकों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का किया काम


इस मौके पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के गांव के लोगों का स्वागत करना सम्मान की बात है. भाजपा ने हमेशा आदिवासी कल्याण के लिए काम किया है. केंद्र में पहली बार आदिवासी मामलों के मंत्रालय का गठन अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते किया गया. कांग्रेस के लंबे शासनकाल में कभी आदिवासियों के हितों के बारे में नहीं सोचा गया. नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद आदिवासियों के हित में कई कदम उठाए. वे देश के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म स्थल उलिहातू का दौरा किया. उलिहातू के विकास को गति देने का काम किया. यही नहीं समाज और देश के प्रेरणा स्त्रोत भगवान बिरसा मुंडा के जेल में रहने के स्थान को आदिवासी म्यूजियम के तौर पर विकसित करने का काम किया. आदिवासी म्यूजियम में भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष को प्रदर्शित किया गया है. यही नहीं भगवान बिरसा मुंडा के 15 नवंबर को होने वाले जन्मदिन को जनजाति गौरव दिवस के तौर पर मनाने का फैसला लिया. अन्य आदिवासी नायकों को इतिहास में उचित स्थान दिलाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही किया.


सेठ ने कहा कि आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए कई मंत्रालयों के साथ मिलकर एक समग्र योजना चलाने का काम किया जा रहा है. सिकल सेल एनीमिया और अन्य बीमारियों के निवारण के लिए ठोस कदम उठाया. साथ ही आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों को अच्छी और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने जैसी कई योजना चलायी जा रही है. आयुष्मान योजना से आम गरीब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने का काम प्रधानमंत्री लगातार कर रहे हैं. आदिवासी कला, संस्कृति और उत्पादों की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने का काम लगातार किया जा रहा है. 

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Published by: Anjani kumar singh

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