Train Wheel Cost: भारतीय रेलवे को मिडल क्लास के यात्रा करने की सबसे महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है. एक ट्रेन को तैयार करने में करोड़ों खर्च किया जाता है और साथ ही इसमें यात्रा करना आसान और सस्ता भी है. लेकिन क्या आपको पता है एक रेलगाड़ी के एक पहिए की कितनी कीमत है? आइए आज आपको इसके बारे में बताते हैं.
रेलवे ट्रेनों में विभिन्न प्रकार के कोच/बोगी होते हैं, जिनकी निर्माण लागत भी अलग-अलग होती है. आमतौर पर तीन प्रमुख प्रकार के कोच होते हैं: जनरल कोच, स्लीपर कोच और एसी कोच. इन कोचों को तैयार करने में स्टील और एल्युमीनियम जैसे सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. जहां कोच का बाहरी हिस्सा स्टेनलेस स्टील से बनता है, वहीं अंदरूनी हिस्सा एल्युमीनियम से तैयार किया जाता है.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एसी कोच की निर्माण लागत लगभग 2.8 से 3 करोड़ रुपये के बीच होती है. वहीं, स्लीपर कोच बनाने में करीब 1.25 करोड़ रुपये की लागत आती है। जनरल कोच की निर्माण लागत सबसे कम होती है, जो करीब 1 करोड़ रुपये के आसपास होती है.
इंजन की कीमत भी बहुत अधिक होती है. एक इंजन की लागत लगभग 18 से 20 करोड़ रुपये तक होती है. यदि 24 बोगी वाली ट्रेन की बात करें तो उसकी औसत निर्माण लागत लगभग 60 से 70 करोड़ रुपये होती है. हालांकि, ध्यान देने योग्य बात यह है कि लोकल ट्रेनों, राजधानी और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों की निर्माण लागत में अंतर होता है। उदाहरण के तौर पर, ‘वंदे भारत’ जैसी अत्याधुनिक और प्रीमियम ट्रेन की लागत लगभग 110 से 120 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है
एक पहिया बनाने में कितना खर्च?
रेलगाड़ी के पहिया में कितना खर्च होता है इसका कोई सरकारी आंकड़ा नहीं सामने आया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक एक पहिया में लगभग 70 हज़ार का खर्च होता है. इसके अनुसार करीब करीब एक ट्रेन में दो करोड़ से अधिक का खर्च आता है.
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