ओडिशा हादसे के बाद हजारों लोगों ने टिकट कैंसिल किये? कांग्रेस के दावे को IRCTC ने किया खारिज

कांग्रेस नेता ने जो टिकट कैंसिलेशन को लेकर जो दावा किया है, उसको IRCTC ने खारिज कर दिया है. कांग्रेस के ट्वीट को कोट करते हुए IRCTC ने ट्वीट किया और सच्चाई बताया. IRCTC ने कुछ आंकड़े भी पेश किये. अपने ट्वीट में IRCTC ने कहा, यह तथ्यात्मक रूप से गलत है.

ओडिशा रेल हादसे में 275 लोगों की जान जाने के बाद सीबीआई ने इसकी जांच अपने हाथ में ले ली है और पहली प्रथमिकी दर्ज कर ली गयी है. इधर कांग्रेस ने इसको लेकर एक दावा कर दिया है कि बालासोर रेल हादसे के बाद हजारों की संख्या में लोगों ने टिकट कैंसिल कराया है. हालांकि कांग्रेस के इस दावे को आईआरसीटीसी ने खारिज कर दिया है.

कांग्रेस ने क्या किया दावा

ओडिशा के कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्त चरण दास ने रेल हादसे को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसमें उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला किया. उन्होंने कहा, बीते दिनों में ऐसी रेल दुर्घटना कभी नहीं हुई. सैकड़ों लोगों की जान चली गई और हजार से ज्यादा लोग घायल हैं. इस घटना ने सभी को दुख पहुंचाया है. दुर्घटना के बाद हजारों लोगों ने अपने टिकट कैंसिल कर दिए हैं. उन्हें लगता है कि ट्रेन में सफर सुरक्षित नहीं है.

IRCTC ने कांग्रेस के दावे को किया खारिज

कांग्रेस नेता ने जो टिकट कैंसिलेशन को लेकर जो दावा किया है, उसको IRCTC ने खारिज कर दिया है. कांग्रेस के ट्वीट को कोट करते हुए IRCTC ने ट्वीट किया और सच्चाई बताया. IRCTC ने कुछ आंकड़े भी पेश किये. अपने ट्वीट में IRCTC ने कहा, यह तथ्यात्मक रूप से गलत है. कैंसिलेशन नहीं बढ़ा है. इसके विपरीत, 01.06.23 को कैंसिलेशन 7.7 लाख से घटकर 03.06.23 को 7.5 लाख हो गया है.

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बालासोर रेल हादसे की सीबीआई जांच कराने की घोषणा सिर्फ ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ : कांग्रेस

कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि बालासोर रेल हादसे की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की सरकार की घोषणा सिर्फ ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, घटनाक्रम याद कीजिए. 20 नवंबर, 2016 को इंदौर पटना एक्सप्रेस कानपुर के निकट पटरी से उतर गई. इसमें 150 से अधिक लोगों की जान चली गई. तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 23 जनवरी 2017 को केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर इस घटना की एनआईए जांच की मांग की. 24 फरवरी 2017 को प्रधानमंत्री ने कहा कि कानपुर ट्रेन दुर्घटना एक साजिश थी. रमेश ने दावा किया, ‘21 अक्टूबर 2018 को अखबारों में प्रकाशित खबरों में कहा गया कि एनआईए इस मामले में कोई आरोप पत्र दाखिल नहीं करेगी. 6 जून, 2023 तक इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि कानपुर रेल हादसे पर एनआईए की अंतिम रिपोर्ट क्या है. कोई जवाबदेही नही.

कैसे हुआ बालासोर हादसा

गौरतलब है कि ओडिशा के बालासोर में कोरोमंडल एक्सप्रेस शुक्रवार शाम करीब सात बजे ‘लूप लाइन’ पर खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई, जिससे कोरोमंडल एक्सप्रेस के अधिकतर डिब्बे पटरी से उतर गए. उसी समय वहां से गुजर रही तेज रफ्तार बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा कर पटरी से उतर गए. इस हादसे में कम से कम 275 लोगों की जान चली गई और 1100 से अधिक लोग घायल हुए.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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