ओडिशा में मालगाड़ी हुई बेपटरी, दो की मौत, अप-डाउन सेवा प्रभावित, ये रेलगाड़ियां हुईं रद्द

आज सुबह कोराई रेलवे स्टेशन के पास एक मालगाड़ी बेपटरी हो गयी, जिसमें दो व्यक्ति के मारे जाने की सूचना है. मुख्यमंत्री ने मंत्री प्रमिला मलिक को घटनास्थल पर जाने और स्थिति की जानकारी लेने को कहा है.

Train accident : ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आज सुबह हुई रेल दुर्घटना में मारे गये लोगों के परिजनों के प्रति संवदेना जतायी है और आश्रितों के लिए दो-दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है. गौरतलब है कि आज सुबह कोराई रेलवे स्टेशन के पास एक मालगाड़ी बेपटरी हो गयी, जिसमें दो व्यक्ति के मारे जाने की सूचना है. मुख्यमंत्री ने मंत्री प्रमिला मलिक को घटनास्थल पर जाने और स्थिति की जानकारी लेने को कहा है.

मुख्यमंत्री ने मुआवजे की घोषणा की

ओडिशा सीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने घायलों के लिए उचित इलाज की व्यवस्था करने और बचाव कार्य की समुचित व्यवस्था का आदेश दिया है. कोराई रेलवे स्टेशन ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत आता है. दुर्घटना के बाद दोनों रेल लाइन बंद है, जिसकी वजह से रेल सेवा प्रभावित हुई है.


अप और डाउन लाइनें बंद

ईस्ट कोस्ट रेलवे की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार बचाव कार्य जारी है. बेपटरी हुई ट्रेन ने रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग को क्षतिग्रस्त कर दिया है. चूंकि अप और डाउन दोनों लाइनें बंद हैं, इसलिए रेलवे ने 12821 शालीमार-पुरी एक्सप्रेस और 18045 शालीमार-हैदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन को आज रद्द कर दिया है.

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी की मुआवजे की घोषणा

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस दुर्घटना पर दुख जताया और मालगाड़ी के बेपटरी होने पर दो यात्रियों की मौत को दुखद बताया है. रेल मंत्री ने मारे गये लोगों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे और घायलों के लिए 25-25 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा की है.

54 बोगियां प्लेटफाॅर्म पर चढ़ीं

जानकारी के अनुसार यह मालगाड़ी खड़गपुर से छतरपुर की ओर जा रही थी. ट्रेन में कुल 54 बोगी थे. हालांकि सभी बोगियां खाली थीं. मालगाड़ी की बोगियां प्लेटफाॅर्म पर चढ़ गयी और स्टेशन की बिल्डिंग से टकरा गयी, जिसकी वजह से यात्रियों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गये हैं.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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