Tomato Price Hike: भारत में बिकेंगे नेपाल के टमाटर...! सप्लाई से पहले रख दी बड़ी शर्त

नेपाल दीर्घकालिक आधार पर भारत को टमाटर जैसी सब्जियों का निर्यात करने को इच्छुक है, लेकिन इसके लिए भारत को अपने बाजार तक आसान पहुंच और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करनी होंगी.

देश में टमाटर की आसमान छूती कीमत के बीच नेपाल भारत में टमाटर की सप्लाई करना चाहता है. नेपाल सरकार ने इसको लेकर कहा कि वह भारत को बड़ी मात्रा में और लंबे समय तक टमाटर का निर्यात करना चाहती है. हालांकि उसने शर्त रखते हुए कहा कि इसके लिए उसे बाजार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक सुगम पहुंच की जरुरत है.

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद को बताया था कि भारत ने नेपाल से टमाटर का आयात शुरू किया है. इसके एक दिन बाद पड़ोसी देश की तरफ से यह मांग आई है. भारत पहली बार ऊंची खुदरा कीमतों के कारण टमाटर का आयात कर रहा है. भारी बारिश के कारण आपूर्ति दिक्कतों के बीच शुक्रवार को टमाटर 242 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था.

कृषि मंत्रालय की प्रवक्ता शबनम शिवकोटी ने कहा है कि नेपाल दीर्घकालिक आधार पर भारत को टमाटर जैसी सब्जियों का निर्यात करने को इच्छुक है, लेकिन इसके लिए भारत को अपने बाजार तक आसान पहुंच और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करनी होंगी. उन्होंने कहा कि नेपाल ने एक सप्ताह पहले ही सरकारी तंत्रों के माध्यम से भारत को टमाटर का निर्यात शुरू किया है, लेकिन यह कोई बड़ी मात्रा में नहीं है.

शिवकोटी ने कहा कि टमाटर के बड़े पैमाने पर निर्यात की व्यवस्था अब की जानी बाकी है. कालीमाटी फल और सब्जी बाजार विकास बोर्ड के उप निदेशक बिनाया श्रेष्ठ ने कहा, अगर हमें भारतीय बाजार तक आसान पहुंच प्रदान की जाती है, तो नेपाल भारत को भारी मात्रा में टमाटर निर्यात कर सकता है. उन्होंने बताया कि नेपाली टमाटरों के लिए भारत एक अच्छा बाज़ार है.

उन्होंने कहा कि काठमांडू घाटी के तीन जिलों – काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर – में टमाटर प्रचुर मात्रा में उगाए जाते हैं और यह स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त से अधिक है. श्रेष्ठ ने स्वीकार किया कि काठमांडू में उगाए गए कुछ टमाटरों को अनौपचारिक रास्तों के माध्यम से भारतीय बाजार में निर्यात किया जा रहा है.

लगभग डेढ़ महीने पहले, किसानों को अपने उत्पादों के लिए बाजार नहीं मिलने पर काठमांडू में कालीमाटी फल और सब्जी बाजार के पास लगभग 60000 से 70000 किलोग्राम टमाटर सड़कों पर फेंक दिए गए थे. उस समय किसानों को थोक बाजार में टमाटर का दाम 10 रुपये प्रति किलो भी नहीं मिलता था. बाजार विश्लेषकों ने कहा कि हालांकि, एक महीने पहले, टमाटर की बाजार कीमत चार गुना बढ़ गई, जब व्यापारियों ने अवैध चैनलों के माध्यम से भारत में टमाटर का निर्यात करना शुरू कर दिया, जिससे स्थानीय बाजार में इसकी कमी हो गई.

काठमांडू में टमाटर के प्रमुख उत्पादकों और आपूर्तिकर्ताओं में से एक बद्री श्रेष्ठ के अनुसार, जो टमाटर खुदरा बाजार में 40-50 रुपये प्रति किलोग्राम बेचा जाता था, वह 200 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है क्योंकि किसानों ने अनौपचारिक चैनलों के माध्यम से भारतीय बाजार में टमाटर बेचना शुरू कर दिया.

जुलाई में अपनी भारत यात्रा के दौरान कृषि मंत्री बेदुराम भुशाल ने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के साथ टमाटर सहित नेपाली कृषि उत्पादों को भारत में लाने की सुविधा पर चर्चा की.

कृषि मंत्रालय के प्रवक्ता शिवकोटी ने कहा कि नेपाल ने भारतीय अधिकारियों से टमाटर, मटर और हरी मिर्च के निर्यात के लिए व्यवस्था करने के लिए भी कहा है.

भारत में सब्जियां आयात करने से पहले, नेपाल सरकार के पादप संगरोध और कीटनाशक नियंत्रण कार्यालय (पीक्यूपीसीओ) को निर्यातकों को प्रमाण पत्र जारी करना होता है.

भाषा इनपुट से साभार

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