महुआ मोइत्रा ने किया राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता? जानें पैनल ने क्या कहा

संसदीय आचार समिति की ओर से अपनी रिपोर्ट में केंद्रीय गृह मंत्रालय को जानकारी दी गई है कि 20 विधेयक पहले ही पोर्टल पर अपलोड हैं. पासवर्ड शेयर करने से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है. जानें मामले से जुड़ी दस बड़ी बातें

कैश-फॉर-क्वेरी मामले को लेकर गुरुवार को बड़ी खबर आई. मामले को देख रही संसदीय आचार समिति ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश कर दी. समिति ने महुआ मोइत्रा को लॉगिन शेयरिंग के लिए दोषी ठहराते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में चिंताओं का हवाला दिया. एनडीटीवी के अंग्रेजी वेबसाइट ने इस बाबत खबर दी है जिसमें कहा गया है कि पैनल ने औपचारिक रूप से माइत्रा को संसद से निष्कासित करने की सिफारिश करने का फैसला किया है. आइए जानते हैं मामले से जुड़ी अबतक की दस बड़ी बातें…

-दर्शन हीरानंदानी विदेश में रहते हैं, आचार समिति की ओर से कहा गया कि पासवर्ड शेयर करने से गुप्त जानकारी विदेशी एजेंसियों के हाथ लग सकती है.

-संसदीय आचार समिति के सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि संसदीय लॉगिन शेयर करने का मतलब किसी ऐसे शख्स को अधिकार देना जो इसका हकदार नहीं है. पासवर्ड देने से भी खतरा पैदा हो सकता है. इससे उन्हें कई संवेदनशील कागजात की जानकारी मिल सकती है जो सांसदों के साथ पहले से साझा किए जाते हैं.

-समिति की ओर से पहले की घटना का जिक्र किया गया. बताया गया कि जम्मू और कश्मीर परिसीमन विधेयक के बारे में समिति ने बताया जो पहले ही सर्कुलेट हो गया था. ड्राफ्ट बिल जो सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध नहीं होता है, वो लोगों के बीच पहुंच जाता है.

-समिति की ओर से अपनी रिपोर्ट में केंद्रीय गृह मंत्रालय को जानकारी दी गई है कि 20 विधेयक पहले ही पोर्टल पर अपलोड हैं जिसमें तीन तलाक की प्रथा पर प्रतिबंध और दिवाला संहिता विधेयक शामिल है. समिति ने कहा कि ऐसे दस्तावेजों के संभावित लीक से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है.

-किसी सांसद के द्वारा पासवर्ड को शेयर करना खतरे से खाली नहीं. इसका लाभ हैकर्स उठा सकते हैं. जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे संसद पर हमला भी हो सकता है.

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-सूत्रों के हवाले से जो बात प्रकाशित की गई है उसके अनुसार, महुआ मोइत्रा का अकाउंट जुलाई 2019 से अप्रैल 2023 के बीच संयुक्त अरब अमीरात से 47 बार ऑपरेट हुआ था. जबकि 2019 से सितंबर 2023 के बीच वह सिर्फ चार बार यूएई के दौरे पर गईं थीं. सूत्रों ने बताया कि एक ही आईपी पते से किसी ने 47 बार लॉग इन किया है.

-रिपोर्ट में कहा गया है कि महुआ मोइत्रा द्वारा पूछे गए 61 सवालों में से 50 सवाल ऐसे हैं जिससे व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी को लाभ पहुंचे. इस बात पर समिति ने जोर दिया कि सांसद मोइत्रा को व्यवसायी से जो भी नकद प्राप्त हुआ तो वह इसकी जाँच नहीं कर सकती है. समिति ने सरकार से पैसों के लेन-देन की जांच करने का आग्रह किया है.

-यहां चर्चा कर दें कि महुआ मोइत्रा ने लॉगिन शेयर करने की बात स्वीकार कर ली है. उन्होंने कहा है कि कई सांसद अपने लॉग-इन क्रेडेंशियल दूसरों के साथ शेयर करते हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि उन्होंने हीरानंदानी के कहने पर कभी भी लोकसभा में कोई सवाल नहीं किया है जो भी आरोप है वह गलत है.

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-टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पिछले हफ्ते संसदीय आचार समिति के समक्ष पेश हुईं थीं. इस वक्त उन्होंने पैनल पर निजी सवाल पूछने का आरोप लगाया था और वॉकआउट कर गईं थीं. इसके बाद पैनल के प्रमुख विनोद कुमार सोनकर ने उन पर असहयोग का आरोप लगाया था.

-कारोबारी दर्शन हीरानंदानी, जिन्होंने कथित तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी और अदाणी समूह पर निशाना साधने के लिए अपनी ओर से संसद में प्रश्न पूछने के लिए उन्हें भुगतान किया था. उन्होंने एक हलफनामे में लॉगिन साझा करने की बात भी स्वीकार कर ली है.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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