उत्तराखंड में बाघ का आतंक, दर्जनों गांव में कर्फ्यू, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

बाघ के आतंक को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दे दिया है. डीएम पौड़ी आशीष चौहान ने बताया, 17 और 18 अप्रैल को रिखणीखाल व धूमाकोट तहसील के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे.

उत्तराखंड में बाघ का आतंक बढ़ता ही जा रहा है. पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन ने जिले में बाघ के आतंक को देखते हुए रिखणीखाल व धूमाकोट तहसील के दर्जनों गांवों में शाम सात बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है. जबकि स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र को भी बंद कर दिया गया है.

17 और 18 अप्रैल को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद

बाघ के आतंक को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दे दिया है. डीएम पौड़ी आशीष चौहान ने बताया, 17 और 18 अप्रैल को रिखणीखाल व धूमाकोट तहसील के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे.

ड्रोन कैमरे से रखी जा रही बाघ पर नजर

बाघ पर निगराने के लिए इलाके में ड्रोन और कैमरे लगाये गये हैं. दरअसल रिखणीखाल के डल्ला गांव में बाघ ने वृद्ध पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गयी. उसके बाद से ही इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. बाघ को पकड़ने के लिए गांच में पिंजरा लगाया गया है. ड्रोन से बाघ पर निगरानी रखी जा रही है.

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बाघ के आतंक से इलाके में दहशत का माहौल

उत्तराखंड में बाघ के आतंक से इलाके में भारी दहशत है. लोग में भय का माहौल साफ तौर पर देखा जा सकता है. शाह ढलते ही लोग अपने घरों में कैद हो जाते हैं. हालांकि वन विभाग के अधिकारी बाघ को पकड़ने के लिए लगातार इलाके में गश्ती कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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