Textile: भविष्य का रोडमैप तैयार करने के लिए कपड़ा मंत्रियों ने किया मंथन

कपड़ा उद्योग के भविष्य का रोडमैप तैयार करने के लिए गुरुवार को गुवाहाटी में दो दिवसीय राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों का बैठक शुरू हुई. केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय द्वारा आयोजित यह सम्मेलन 'भारत के वस्त्र: विकास, विरासत और नवाचार की बुनाई' विषय पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कपड़ा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

Textile: देश में कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार पीएम मित्र पार्क सहित कई योजना चला रही है. केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कपड़ा क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं. कपड़ा उद्योग के भविष्य का रोडमैप तैयार करने के लिए गुरुवार को गुवाहाटी में दो दिवसीय राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों की बैठक शुरू हुई जिसका मकसद सहकारी संघवाद को मजबूत करना और देश को वस्त्र, परिधान और तकनीकी वस्त्रों के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए कदम उठाना है. 

 इस दो दिवसीय बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कपड़ा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय द्वारा आयोजित यह सम्मेलन ‘भारत के वस्त्र: विकास, विरासत और नवाचार की बुनाई’ विषय पर आयोजित किया जा रहा है. बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार कपड़ा क्षेत्र में उत्पादन, निर्यात और निरंतरता में तालमेल बिठाने के लिए सतत और संतुलित तरीके से काम कर रही है. 

राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों के सम्मेलन का मकसद भारत के कपड़ा उद्योग को मजबूत बनाने के लिए एक सशक्त रोडमैप तैयार करने में मदद करने के लिए मंथन, नवाचार और विचारों को साझा करना है. विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कपड़ा मंत्रियों से निवेशक-अनुकूल नीतियां बनाने का आग्रह करते हुए राज्य स्तर पर कपड़ा क्षेत्र में अधिक निवेश आकर्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में दो दिनों की चर्चा से आगे का रास्ता बनाने में मदद मिलेगी. 


इनोवेशन बढ़ाने पर दिया गया जोर


सम्मेलन में प्रदर्शनी और पवेलियन का भी उद्घाटन किया गया, जिसमें भारत की टेक्सटाइल ताकत, इनोवेशन और समृद्ध विरासत को दर्शाया गया है. एक रिपोर्ट: इंडियाज़ टेक्सटाइल एटलस: स्टेट कम्पेंडियम 2025 भी जारी किया है. सम्मेलन में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कच्चे माल और फाइबर जिसमें कपास, रेशम, जूट, ऊन, टेक्निकल टेक्सटाइल और न्यू एज फाइबर पर मंथन किया गया. अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों और अधिकारियों ने कपड़ा क्षेत्र और मजबूत बनाने के लिए बेहतरीन तरीकों, निवेश के अवसरों, चुनौतियों और नीतिगत सुझावों को साझा किया और इनोवेशन पर विशेष ध्यान देने की बात की. 
सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कपड़ा सचिव 

नीलम शमी राव ने कहा कि देश में वस्त्र उद्योग राष्ट्र के सामाजिक और आर्थिक जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. देश भर के लगभग 500 जिले विश्व बाजार में एक या एक से अधिक वस्त्र उत्पाद निर्यात करते हैं. इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है. भारत दुनिया के सबसे बड़े टेक्सटाइल उत्पादक देशों में से एक है और यह सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है. इस दौरान कपड़ा क्षेत्र में कपड़ा आधारित रिसर्च, स्टार्टअप, मॉनिटरिंग, आकलन को लेकर केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय और 15 राज्यों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया

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