Textile: देश के कपड़ा उद्योग के विकास के लिए तकनीक को बढ़ावा दे रही है सरकार

कपड़ा मंत्रालय ने वीजियो नेक्स्ट फैशन फोरकास्टिंग पहल की शुरुआत की. इस पहल के जरिये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत संबंधी फैशन ट्रेंड को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है.

Textile: देश में कपड़ा क्षेत्र के विकास के लेकर सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं. कपड़ा क्षेत्र के विकास को लेकर गुरुवार को विजन नेक्स्ट फैशन फोरकास्टिंग पहल शुरू किया गया. इस पहल का मकसद भारतीय कपड़ा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नयी पहचान मुहैया कराना है. केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को वीजियो नेक्स्ट फैशन फोरकास्टिंग पहल की शुरुआत की. इस पहल के जरिये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी ने भारत संबंधी फैशन ट्रेंड को वैश्विक स्तर पर पहचान  दिलाना है. इस मौके पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज  सिंह ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत शुरू किया गया है और सरकार की कोशिश भारतीय कपड़ा उद्योग से जुड़े स्वदेशी  डिजाइन को बढ़ावा देना है. फैशन के इस दौर में वीजियो नेक्स्ट पहल भारतीय कपड़ा उद्योग के डिजाइन और महत्व को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का काम करेगा. 


इस पहल  का क्या होगा फायदा

देश में कपड़ा उद्योग का आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में अहम योगदान रहा है. इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 के बाद स्वदेशी डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने का काम किया. फैशन उद्योग में आर्टिफिशियल  इंटेलिजेंस और अन्य तकनीक के प्रयोग को लेकर सरकार की ओर से कई स्तर पर चर्चा की गयी. भारत का कपड़ा उद्योग तेजी से आर्थिक विकास कर रहा है और आने वाले समय में यह रोजगार और आर्थिक विकास के मामले में अहम योगदान देगा. ऐसे में सरकार की ओर से कपड़ा उद्योग को आधुनिक बनाने के लिए कई स्तर प्रयास किया जा रहा है. गौरतलब है कि वर्ष 2030 तक देश का कपड़ा उद्योग 350 बिलियन डॉलर से अधिक का हो जायेगा और इसमें करोड़ों लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा. 

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Author: Vinay Tiwari

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