आसमान में ड्रोन और हाथों में स्टेयरिंग: तेलंगाना सरकार ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को बनाएगी हाई-टेक

Telangana Transgender Training Scheme: तेलंगाना सरकार ने ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को ड्रोन उड़ाने, होटल मैनेजमेंट और कार चलाने की ट्रेनिंग देने का फैसला किया है. सरकार ने इसके लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है.

Telangana Transgender Training Scheme: दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक एवं ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण मंत्री ए लक्ष्मण कुमार ने शनिवार को कहा- सरकार ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज में सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने के लिए कई पहल कर रही है. मंत्री ने कहा कि सरकार ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और आत्मसम्मान हासिल कर सकें.

50 ट्रांसजेंडर को दी जाएगी कार चलाने की ट्रेनिंग

50 ट्रांसजेंडर को मारुति सुजुकी ड्राइविंग स्कूल के माध्यम से कार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें चालक के रूप में नौकरी पाने और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे.

NITHM के जरिए 25 ट्रांसजेंडर को मिलेगी ट्रेनिंग

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट (NITHM) के जरिए 25 ट्रांसजेंडर को होटल मैनेजमेंट और कैंटीन शेफ का प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिससे उन्हें होटल, रेस्तरां और कैटरिंग संस्थानों में रोजगार मिल सके.

16 ट्रांसजेंडर को दी जाएगी ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग

16 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को बेगमपेट स्थित तेलंगाना स्टेट एविएशन एकेडमी में ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा. ड्रोन तकनीक कृषि, सर्वेक्षण और उद्योग जैसे क्षेत्रों में तेजी से मांग में है.

कुल 91 ट्रांसजेंडर को दी जाएगी ट्रेनिंग

कुल 91 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिस पर 17.72 लाख रुपये खर्च होंगे और इसके लिए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है.

ये भी पढ़ें: ओडिशा सरकार ने SC, ST के लिए कोटा बढ़ाया; OBC के लिए नया आरक्षण लागू

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >