Video: तमिलनाडु में 10 और 11 सितंबर को क्यों बंद रहेंगी शराब की दुकानें? आदेश जारी होते ही मची होड़

तमिलनाडु में 10 और 11 सितंबर को शराब की दुकानें बंद रहने की घोषणा के बाद दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी. लोग स्टॉक करने की होड़ में दिखे, जिसके चलते पुलिस को तैनात करना पड़ा. जानिए इस बंदी का कारण.

Tamil Nadu Liquor Shops Closed: तमिलनाडु में 10 और 11 सितंबर को शराब की दुकानें बंद रहने की सूचना मिलते ही दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. स्थिति यह बन गई कि रात में शराब की दुकानों के बाहर हजारों लोग पहुंच गए. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को तैनात करना पड़ा.

सुरक्षा के लिए तैनात करनी पड़ी पुलिस बल

शराब की दुकानों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के लिए पुलिस टीम तैनात की गई. दो दिन दुकानें बंद रहने की सूचना मिलते ही लोग अधिक से अधिक मात्रा में स्टॉक करने की होड़ में लग गए.


क्यों बंद रखी जा रही हैं शराब की दुकानें?

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार इमैनुएल सेकरन गुरु पूजा और उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर यह फैसला लिया गया है. दिंडीगुल जिला कलेक्टर दुर्गा मूर्ति की ओर से जारी आदेश के अनुसार दिवंगत इमैनुएल सेकरन की 69वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आगामी 11 सितंबर को सभी प्रकार की शराब दुकानें बंद रहेंगी.

11 सितंबर को मनाई जाएगी इमैनुएल सेकरन की 69वीं पुण्यतिथि

दिंडीगुल जिला कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा कि रामनाथपुरम जिले के परमकुडी में 11 सितंबर को दिवंगत इमैनुएल सेकरन की 69वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है. इसके चलते दिंडीगुल जिले में तमिलनाडु शराब लाइसेंस के तहत संचालित होने वाली एफएल 1 लाइसेंस प्राप्त टास्मैक (TASMAC) खुदरा दुकानें उनसे जुड़े बार तथा एफएल 2 और एफएल 3 लाइसेंस प्राप्त बिक्री स्थल बंद रहेंगे.

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

जिला कलेक्टर दुर्गा मूर्ति ने सूचित किया है कि निर्धारित अवधि में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. यदि कोई नियमों का उल्लंघन कर अवैध बिक्री करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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