तमिलनाडु में बीजेपी और AIADMK के बीच ब्रेकअप, अन्नामलाई के बयान से नाराज अन्नाद्रमुक ने तोड़ा गठबंधन

अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने द्रविड़ नेता सी एन अन्नादुरई की आलोचना के लिए भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता दिवंगत मुख्यमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच ब्रेकअप हो गयी है. अन्नामलाई के बयान को लेकर दोनों पार्टियों के बीच तकरार चरम पर पहुंच गयी. दोनों सहयोगी पार्टियों के बीच विवाद उस समय और बढ़ गई जब द्रविड़ पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उसका भाजपा के साथ कोई गठबंधन नहीं है और चुनावी समझौते पर कोई भी निर्णय केवल चुनाव के दौरान ही तय किया जायेगा.

जयकुमार ने कहा, अन्नादुरई की आलोचना बर्दाश्त नहीं करेंगे

अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने द्रविड़ नेता सी एन अन्नादुरई की आलोचना के लिए भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता दिवंगत मुख्यमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि अन्नामलाई ने दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता सहित अन्नाद्रमुक नेताओं के बारे में आलोचनात्मक टिप्पणी की थी.

जयकुमार ने कहा- अन्नाद्रमुक की वजह से है राज्य में बीजेपी की पहचान

पूर्व मंत्री जयकुमार ने भाजपा और इसकी प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, अन्नामलाई अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन नहीं चाहते हैं, हालांकि भाजपा कार्यकर्ता ऐसा चाहते हैं. क्या हमें अपने नेताओं की आलोचना बर्दाश्त करनी चाहिए. भाजपा यहां कदम नहीं रख सकती. आपको अपना वोट बैंक पता है. आप हमारी वजह से जाने जाते हैं. जयकुमार ने कहा, हम अब अपने और (नेताओं की आलोचना) बर्दाश्त नहीं कर सकते. जहां तक गठबंधन की बात है तो ऐसा नहीं है. भाजपा अन्नाद्रमुक के साथ नहीं है. इस संबंध में फैसला केवल चुनाव के दौरान ही हो सकता है. यह हमारा रुख है. यह पूछे जाने पर कि क्या यह उनकी निजी राय है, जयकुमार ने कहा, ‘क्या मैंने कभी आपसे उस हैसियत से बात की है? मैं केवल वही बात करता हूं जो पार्टी तय करती है.

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क्या है मामला

दरअसल 11 सितंबर को अन्नामलाई ने अन्नादुरई पर कथित टिप्पणी की थी. बीजेपी नेता ने कहा था कि अन्ना ने 1950 में मदुरै में एक कार्यक्रम में हिंदू धर्म के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी की थी और स्वतत्रंता सेनानी पसुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर ने इसका कड़ा विरोध किया था. रविवार को कोयंबटूर में पत्रकारों से अन्नामलाई से उनके बयान के बारे में पूछा गया, उन्होंने अन्ना के बारे में जो कहा था, क्या वह गलत था. उन्होंने कहा कि वह सनातन धर्म और तमिल संस्कृति को बचाने के लिए राजनीति में हैं.

अन्नामलाई के बयान पर बीजेपी और अन्नाद्रमुक के बीच वाकयुद्ध शुरू

बीजेपी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई की द्रविड़ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत सी एन अन्नादुरई पर हालिया टिप्पणी को लेकर उनके तथा अन्ना द्रमुक नेताओं के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के वरिष्ठ नेता सी वी षणमुगम ने कहा कि अन्नामलाई ने जानबूझकर अन्ना का अपमान किया और उन्होंने भाजपा नेता पर राजनीति की दुनिया में उनके अनुभव और अन्ना के जीवन तथा काल के उनके ज्ञान पर सवाल उठाया. मालूम हो द्रमुक संस्थापक अन्नादुरई (1909-1969) को अन्ना (बड़ा भाई) के नाम से भी जाना जाता है.

अन्नामलाई ने कहा, उसका कोई सबूत नहीं

षणमुगम ने कहा कि अन्नामलाई ने जो कहा है उसका कोई सबूत या आधार नहीं है और भाजपा नेता को अन्ना पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. पूर्व मंत्री षणमुगम ने कहा कि अन्नामलाई ने अन्ना द्रमुक और भाजपा के गठबंधन में रहते हुए द्रविड़ नेता की आलोचना की है जिससे यह संदेह पैदा हुआ कि उनका कोई गुप्त उद्देश्य हो सकता है. उन्होंने पूछा कि क्या अन्नामलाई द्रमुक से हाथ मिलाकर यह नहीं चाहते कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन तमिलनाडु में लोकसभा चुनाव जीते. उन्होंने सवाल किया, आपका क्या उद्देश्य है? उन्होंने कहा कि भाजपा नेता ने अन्ना की आलोचना की है और महीनों पहले अन्नाद्रमुक की पूर्व प्रमुख दिवंगत जे जयललिता को भी निशाना बनाया था.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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