Maliwal Assault Case: बिभव कुमार को कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज

Maliwal Assault Case: आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में अपने साथ हुई मारपीट की बात दोहराई. सोमवार को कोर्ट में आरोपी बिभव कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी.

Maliwal Assault Case: आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल के साथ कथित तौर पर मारपीट करने वाले बिभव कुमार की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. इससे पहले मजिस्ट्रेट अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस दौरान सांसद स्वाति मालीवाल भी कोर्ट पहुंची थीं. इसी दौरान कोर्ट में उन्होंने फिर से मारपीट की बात दोहराई. उन्होंने कहा, बिभव कुमार ने उनके साथ मारपीट की है.

बिभव कुमार पर क्या है आरोपी

बिभव कुमार पर 13 मई को मुख्यमंत्री आवास पर स्वाति मालीवाल पर हमला करने का आरोप है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक (पीए) बिभव कुमार को 24 मई को चार दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. ‘मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट’ गौरव गोयल ने दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

मालीवाल ने क्या लगाया है आरोप

राज्यसभा सदस्य मालीवाल ने आरोप लगाया है कि 13 मई को जब वह मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर गई थीं तो केजरीवाल के निजी सहायक बिभव कुमार ने उनके साथ मारपीट की थी.

दिल्ली पुलिस ने बिभव कुमार पर जांच में सहयोग नहीं करने का किया दावा

पिछले शनिवार को दायर की गई उनकी अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने निरर्थक माना था. दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, अपने जवाब देने में टाल-मटोल कर रहे हैं और उन्होंने अपने मोबाइल फोन का पासवर्ड भी नहीं बताया है.

दिल्ली के एलजी ने सीएम केजरीवाल की चुप्पी पर उठाया था सवाल

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सदस्य के साथ कथित मारपीट पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गहरी चुप्पी महिलाओं की सुरक्षा पर उनके रुख के बारे में बहुत कुछ बोलती है. और कहा कि मुख्यमंत्री को इस घटना पर टाल-मटोल और पैंतरेबाजी नहीं करनी चाहिए. उपराज्यपाल ने कहा था कि आम आदमी पार्टी की सांसद सुश्री स्वाति मालीवाल के साथ मुख्यमंत्री के आवास पर कथित मारपीट के मुद्दे पर पिछले कुछ दिनों से मीडिया में चल रही खबरों से मैं बहुत व्यथित हूं. सक्सेना ने कहा, मालीवाल ने उन्हें बेहद पीड़ा से फोन किया और अपने दर्दनाक अनुभव और उसके बाद अपने ही सहयोगियों द्वारा उन्हें धमकाने और शर्मसार करने के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने सबूतों से कथित छेड़छाड़ और उनपर दबाव डालने पर भी चिंता व्यक्त की.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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