उत्पीड़न मामले में सुप्रीम कोर्ट ने युवा कांग्रेस प्रमुख बी वी श्रीनिवास को गिरफ्तारी से दी अंतरिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने असम सरकार और अन्य को नोटिस जारी कर 10 जुलाई तक मामले में उनसे जवाब दाखिल करने को कहा. पीठ ने कहा- हमने CRPC की धारा 164 के तहत दिया गया बयान पढ़ा है जिसे अभियोजन पक्ष ने बड़ी शालीनता से हमारे सामने रखा है.

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बी वी श्रीनिवास के खिलाफ दर्ज उत्पीड़न के एक मामले में उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम जमानत प्रदान किया. बता दें असम में पार्टी की एक नेता ने श्रीनिवास पर मानसिक यातना देने का आरोप लगाया था जिसे अब कांग्रेस से निष्कासित किया जा चुका है. असम युवा कांग्रेस की निष्कासित अध्यक्ष अंगकिता दत्ता के तरफ से दर्ज कराए गए इस मामले में श्रीनिवास ने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज करने के गुवाहाटी हाई कोर्ट के ऑर्डर को चुनौती दी थी.

याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने असम सरकार और अन्य को नोटिस जारी कर 10 जुलाई तक मामले में उनसे जवाब दाखिल करने को कहा. पीठ ने कहा- हमने CRPC की धारा 164 के तहत दिया गया बयान पढ़ा है जिसे अभियोजन पक्ष ने बड़ी शालीनता से हमारे सामने रखा है. हम इस स्तर पर राज्य के खिलाफ कुछ नहीं कहना चाहते. उसने कहा- एफआईआर दर्ज होने में एक महीने की देरी पर विचार करते हुए याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत का अधिकार है.

22 मई को पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने बी वीश्रीनिवास को जांच में सहयोग करने और 22 मई को पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का भी निर्देश दिया. गुवाहाटी हाई कोर्ट ने असम युवा कांग्रेस की निष्कासित अध्यक्ष अंगकिता दत्ता द्वारा दर्ज मामले में गत 5 मई को श्रीनिवास की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. दत्ता ने 18 अप्रैल को तर्कसंगत ट्वीट करके श्रीनिवास के खिलाफ मानसिक यातना देने के आरोप लगाये थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >