सुप्रीम कोर्ट ने कहा - जासूसी बर्दाश्त नहीं, पेगासस मामले की जांच करेगी एक्सपर्ट कमेटी

पेगासस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की बात कही है. कोर्ट ने कहा कि पेगासस मामले एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया जाएगा.

पेगासस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की बात कही है. कोर्ट ने कहा कि पेगासस मामले एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया जाएगा. रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन इस कमेटी के अध्यक्ष होंगे. कोर्ट का कहना है कि निजता के उल्लंघन की जांच होनी चाहिए.

वहीं, पेगासस मामले की चांज तीन सदस्यीय समिति करेगी. कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर.वी. रवींद्रन करेंगे. अन्य सदस्यों में आलोक जोशी और संदीप ओबेरॉय होंगे. तीन सदस्यीय कमेटी गठित 8 हफ्तों में अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट कहा है कि कि अंधाधुंध जासूसी की इजाजत नहीं दी जा सकती. इसलिए मामले की जांच जरूरी है.

वहीं, पेगासस मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि इस मसले पर केंद्र सरकार की ओर से कोई विशेष खंडन नहीं किया गया. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, याचिकाकर्ता की दलीलों को प्रथम दृष्टया स्वीकार करने के अलावा कोर्ट के पास कोई विकल्प नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम हम एक विशेषज्ञ समिति नियुक्त करते हैं. जिसका कार्य सर्वोच्च न्यायालय द्वारा देखा जाएगा.

गौरतलब है कि, इससे पहले 13 सितंबर को पेगासस मसले पर केन्द्र सरकार ने विस्तृत हलफनामा दाखिल करने से इनकार कर दिया था. हलफनामा दाखिल न करने के पीछे केन्द्र सरकार का तर्क था कि, इससे कई अहम जानकारियां सार्वजनिक हो सकती हैं. जिससे देश की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है. सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने इस मसले पर कहा था कि हलफनामा दायर करने से देश के दुश्मन उस जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसे में उन्होंने कमेटी बनाने की मांग की थी.

Posted by: Pritish Sahay

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