सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के मामले में भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को सजा पर 11 जुलाई को फैसला सुनाएगा. न्यायमूर्ती यू यू ललित की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच फैसला सुनाएगी. बताते चले कि सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में माल्या को अदालत के आदेश का उल्लंघन करते हुए, अपने बच्चों को 40 मिलियन अमरीकी डालर हस्तांतरित करने की जानकारी वापस लेने के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया था.
अवमानना मामले में मामला दर्ज
उन्हें कई बैंकों के बकाया 6,200 करोड़ रुपये से अधिक वापस करने का आदेश दिया गया था और ब्रिटिश स्पिरिट निर्माता डियाजियो से $ 40 मिलियन के भुगतान का खुलासा करने में विफल रहने के लिए अवमानना के लिए मुकदमा दायर किया गया था. इससे पहले कोर्ट ने विजय माल्या को आखिरी मौका देते हुए कहा था कि माल्या की अनुपस्थिति में ही सजा के मद्दे पर आगे का फैसला किया जाएगा.
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विजय माल्या पर ये है आोरप
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को फरवरी महीने में बताया था कि बैंकों ने भगोड़े विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से कुल 18,000 करोड़ रुपये की वसूली की थी. 66 वर्षीय शराब कारोबारी किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े बैंक ऋण मामले में आरोपी है, जिसकी कीमत 9,000 करोड़ रुपये से अधिक है.
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भारतीय बैंकों ने दर्ज कराया मामला
पीटीआई के रिपोर्ट के मुताबिक विजय माल्या पर भारतीय बैंकों के एक संघ ने भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में माल्या के स्वामित्व वाली किंगफिशर एयरलाइंस पर 1.05 बिलियन ग्रेट ब्रिटेन पाउंड के लोन की अदायगी को लेकर मामला दर्ज कराया है. माल्या पर चल रहे मामलों को लेकर ब्रिटेन की एक अदालत ने दिवालिया घोषित किया हुआ है. इसे पलटने के लिए माल्या ने लंदन के एक कोर्ट में अपील की है.
