Suicide in MP : खुदकुशी केस में अबतक FIR दर्ज नहीं, राहुल गांधी के नाम सुसाइड नोट में मनोज ने लिखा पूरा दर्द

Suicide in MP : जांच एजेंसी ईडी के मामले में जांच के दायरे में आए एक बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी के साथ जान दे दी. उसने राहुल गांधी के नाम एक नोट छोड़ा है. जानें क्या कहा उसने सुसाइड नोट में.

Suicide in MP: जांच एजेंसी ईडी के मामले में जांच के दायरे में आए एक बिजनेसमैन और उसकी पत्नी शुक्रवार सुबह मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में अपने आवास पर मृत पाए गए. पुलिस के अनुसार, परमार ने 5 पन्नों का एक नोट छोड़ा है. इसमें उसने ईडी अधिकारियों पर छापेमारी के दौरान उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है. दावा किया गया है कि ईडी की टीम ने उसके घर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की तस्वीर देखी, जिसके बाद एक अधिकारी ने उसे बताया कि छापेमारी का कारण यही है.

इस सबंध में अंग्रेजी वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस ने खबर प्रकाशित की है. खबर में लिखा गया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कथित सुसाइड नोट मिला है. इसमें परमार ने लिखा है कि वह यह कदम उठाने के लिए मजबूर है. ऐसा इसलिए क्योंकि ईडी उसे परेशान कर रही है, क्योंकि वह आपसे जुड़ गया और कांग्रेस के लिए काम किया. उन्होंने लिखा, ”मेरी मौत के बाद इन बच्चों की जिम्मेदारी आपकी और कांग्रेस की है, इसलिए यह मैसेज जाएगा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है.”

अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई

भोपाल में ईडी अधिकारियों ने आरोपों का जवाब देने से इनकार कर दिया. मामले में ईडी पंचनामा रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरी तलाशी शांतिपूर्ण तरीके से की गई, जिससे परिसर में मौजूद लोगों की किसी भी धार्मिक या व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस न पहुंचे. संपत्ति को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया. सीहोर के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है. उन्होंने कहा, ”हम जांच कर रहे हैं और अभी तक परिवार से बात नहीं की है, जो अंतिम संस्कार में व्यस्त थे.” शुक्ला ने यह भी कहा कि पुलिस परमार द्वारा छोड़े गए नोट की सत्यता की जांच कर रही है. हम इसे सुसाइड नोट नहीं कह रहे हैं. जब तक हम जांच नहीं कर लेते, हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते.

राहुल जी को गुल्लक भेंट की थी मनोज परमार के बच्चों ने

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक्स पर रिएक्शन दिया है. उन्होंने लिखा, ”मनोज परमार के बच्चों ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल जी को गुल्लक भेंट की थी. मनोज के घर पर ईडी ने छापा मारा.. मनोज के अनुसार, उन पर छापा इसलिए मारा गया, क्योंकि वे कांग्रेस समर्थक हैं. मैंने मनोज के लिए वकील की भी व्यवस्था कर दी थी, लेकिन मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मनोज इतना डर ​​गया था कि उसने और उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली.

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तीन बच्चों के साथ सुसनेर में एक मंदिर गए थे दंपति

मनोज परमार और नेहा गुरुवार को अपने तीन बच्चों के साथ सुसनेर में एक मंदिर गए थे. देर रात वापस लौटे. इसके बाद बच्चे सो गए. शुक्रवार की सुबह जब दंपति नहीं जागे तो बड़ा बेटा उन्हें देखने गया. उसने पाया कि उन्होंने आत्महत्या कर ली है. पुलिस सुबह करीब 8.30 बजे पहुंची. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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