Success Story : अमेजन में 15 बार रिजेक्ट हुआ शख्स, फिर जर्मनी में ऐसे मिला 1.1 करोड़ रुपये का पैकेज

भोपाल के गंतव्य मालवीय ने 15 बार रिजेक्शन झेलने के बाद आखिरकार अमेजन जर्मनी में ₹1.1 करोड़ के पैकेज वाली सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर की नौकरी पाई. यह कहानी दिखाती है कि कैसे लगातार मेहनत और सही स्किल्स से असंभव भी संभव है.

15 बार रिजेक्शन…और फिर 1.1 करोड़ रुपये का पैकेज! सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन ये कहानी किसी फिल्मी स्टार की नहीं, ये हकिकत है भोपाल के रहने वाले गंतव्य मालवीय की.

गंतव्य के करियर की शुरुआत कुछ ऐसी ही रही. अमेजन में नौकरी पाने की कोशिश में उन्हें लगातार नाकामी मिली, फिर भी उन्होंने रिजेक्शन को इग्नोर कर अपनी तैयारी जारी रखी. खास बात है कि उन्होंने कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई भी नहीं की है, ECE इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने प्रोग्रामिंग, डेटा स्ट्रक्चर-एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट स्किल्स पर काम किया और आखिरकार उनकी कोशिश रंग लाई और उन्हें अमेजन जर्मनी में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के तौर पर काम करने का मौका मिला. गंतव्य ये कहानी सोशल मीडिया में चर्चा में है और उनका पोस्ट वायरल हो रहा है.

कंप्यूटर साइंस नहीं, फिर भी चुना टेक का रास्ता

  • गंतव्य मालवीय ने भोपाल के लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया है, यानी उनका शैक्षणिक बैकग्राउंड कंप्यूटर साइंस का नहीं था.
  • इसके बावजूद कॉलेज के शुरुआती वर्षों में ही उन्होंने टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर की तरफ अपनी रुचि डेवलप की. वो बताते हैं कि उन्होंने प्रोग्रामिंग, डेटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिदम जैसी तकनीकी स्किल्स पर काम किया.
  • इसके अलावा प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप के जरिए अपने प्रैक्टिकल अनुभव को भी मजबूत किया. सार्वजनिक प्रोफाइल में उनकी प्रोग्रामिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़ी कई स्किल्स और प्रोजेक्ट्स की जानकारी हैं.

अमेजन से 15 बार मिला रिजेक्शन

  • इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा अमेजन में नौकरी पाने की उनकी कोशिश है.
  • रिपोर्टों के मुताबिक, गंतव्य ने अलग-अलग पदों और लोकेशन के लिए अमेजन में लगातार आवेदन किए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. लेकिन उन्होंने आवेदन करना और अपनी तैयारी जारी रखी. सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार उन्हें 15 बार रिजेक्शन मिली.
  • हालांकि 16वीं बार आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें अमेजन जर्मनी में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर की जॉब मिली. वो भी 1.1 करोड़ रुपये के पैकेज के साथ.
  • एलएनसीटी की वेबसाइट और उसके दस्तावेजों में भी गंतव्य मालवीय का नाम उन छात्रों में दर्ज है, जिन्हें 2022 में अमेजन में करीब 1.1 करोड़ रुपये के पैकेज पर चयनित बताया गया है.
  • गंतव्य की प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने अगस्त 2023 में अमेजन वेब सर्विसेज यानी एडब्ल्यूएस में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के तौर म्यूनिख, जर्मनी में काम शुरू किया.

अमेजन के बाद नई शुरुआत कर रहे गंतव्य

गंतव्य की करियर यात्रा यहीं नहीं रुकी. उनकी हालिया सोशल मीडिया अपडेट के मुताबिक, वो अब अमेजन छोड़कर टैक्स फिक्स से जुड़ने जा रहे हैं.

गंतव्य मालवीय की कहानी का सबसे बड़ा सबक सिर्फ बड़ा पैकेज नहीं है. असली सीख यह है कि गैर-कंप्यूटर साइंस बैकग्राउंड से आने वाला छात्र भी सही स्किल्स, प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और लगातार तैयारी के दम पर टेक इंडस्ट्री में जगह बना सकता है. 15 रिजेक्शन के बाद मिली सफलता यह भी बताती है कि नौकरी के सफर में एक रिजेक्शन अंतिम फैसला नहीं होता.

नोट: इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी गंतव्य मालवीय की सोशल मीडिया पोस्ट और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है. प्रभात खबर इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि करता है और न ही इसका समर्थन करता है. 

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By गौतम कुमार

गौतम कुमार वर्तमान में प्रभात खबर से जुड़े पत्रकार हैं. वे राजनीति, इतिहास, साहित्य, खेल, कानून, लोक संस्कृति और मनोरंजन जैसे विविध विषयों पर लिखते हैं. किसी विषय पर रिपोर्टिंग या लेखन के दौरान उनका जोर केवल घटनाओं की जानकारी देने पर नहीं, बल्कि उसके पीछे की पृष्ठभूमि, सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ और उसके प्रभाव को समझाने पर रहता है.

अपने पत्रकारिता करियर में गौतम कुमार ने RealisticMedia और दैनिक भास्कर जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. पत्रकारिता के अलावा उन्हें डिजिटल कंटेंट लेखन, वीडियो स्क्रिप्टिंग और डिजिटल प्रोडक्शन का अनुभव भी है. स्वतंत्र लेखक और ब्लॉगर के तौर पर उन्होंने अलग-अलग विषयों और डिजिटल माध्यमों के लिए लेखन किया है.

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