Strait of Hormuz: जहाजरानी नियामक (DGMA) ने अपने आधिकारिक नोटिस में कहा है, "फारस की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में सुरक्षा के बिगड़ते हालात को देखते हुए भारतीय नाविकों के हितों और जानमाल की सुरक्षा के लिए यह एहतियाती कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है. सभी कंपनियां तत्काल प्रभाव से भारतीय नाविकों को इस रूट पर भेजने से बचें." इसके साथ ही, नियामक ने वर्तमान में क्षेत्र में मौजूद जहाजों के कप्तानों (Masters) को बेहद सतर्क रहने, सुरक्षा स्थिति पर पैनी नजर रखने और लगातार नेविगेशनल चेतावनियों को मॉनिटर करने की सलाह दी है.
भारतीय नाविकों की मौत के बाद सरकार ने उठाया कदम
सरकार ने यह कदम पिछले तीन दिनों के भीतर अलग-अलग हमलों में भारतीय नाविकों की मौत होने के बाद उठाया है. मंगलवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों (एमटी मोम्बासा और एमटी अल बहिया) पर हुए मिसाइल हमले में गोपालगंज के रहने वाले रोहन कुमार की मौत हो गई.
ईरानी राजनयिक को भारत ने किया था तलब
भारतीय नविकों की मौत पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ईरानी उप-मिशन प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी को तलब किया था. पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान प्रभाग के संयुक्त सचिव आनंद प्रकाश ने भारत की ओर से इस हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया था.
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