नौकरी के लिए मची भगदड़, टूटी रेलिंग, Video Viral

गुजरात के भरूच का वीडियो वायरल हो रहा है. यहां जॉब पाने के लिए भीड़ जुटी थी. आप भी देखें ये वायरल वीडियो

गुजरात के भरूच का एक वीडियो वायरल हो रहा है जो चर्चा का विषय बन गया है. वीडियो में नजर आ रहा है कि एक इंटरव्यू सेंटर पर युवाओं की भीड़ पहुंची है. सभी यहां जॉब इंटरव्यू के लिए पहुंचे थे. इस दौरान भीड़ इतनी बढ़ गई कि भगदड़ जैसे हालात बन गए. भीड़ के दबाव की वजह से रेलिंग टूट गई. इसके बाद एक के बाद एक कुछ कैंडिडेट गिर जाते हैं.

बताया जा रहा है कि एक होटल में नौकरी के लिए इंटरव्यू रखा गया था, जहां लड़कों की भीड़ पहुंची थी. भीड़ इतनी बढ़ गई थी कि उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया और रेलिंग को तोड़ते हुए कुछ लड़के नीचे गिर गए. बताया जा रहा है कि वॉक इन इन्टरव्यू रखा गया था. यहां आम तौर पर 500 लोगों के लिए जगह होती है, लेकिन यहां एक साथ 1000 से अधिक कैंडिडेट आ गए थे. इस बारे में कंपनी की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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