बेंगलुरु पुलिस पर उत्पीड़न और रिश्वत लेने का लगा गंभीर आरोप, पीड़ित का पोस्ट वायरल

सोशल मीडिया पोस्ट में बेंगलुरु पुलिस पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने का दावा किया जा रहा है. पोस्ट का टाइट भी उसी तरह दिया गया है, बेंगलुरु पुलिस को एक लाख दो और जाओ. दरअसल एक व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा किया. जिसमें उसने लिखा, उसे प्रतिबंधित ई-सिगरेट के उपयोग करने पर बेंगलुरु पुलिस ने पकड़ा था.

बेंगलुरु पुलिस पर उत्पीड़न और रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लग रहा है. इसको लेकर सोशल मीडिया में एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल इस पोस्ट को चर्चा वाले मंच Reddit द्वारा पोस्ट किया गया है. इस पोस्ट को ट्विटर पर तेजी से शेयर किया जा रहा है और बेंगलुरु पुलिस को ट्रोल किया जा रहा है.

पोस्ट में बेंगलुरु पुलिस पर एक लाख रिश्वत लेने का किया जा रहा दावा

सोशल मीडिया पोस्ट में बेंगलुरु पुलिस पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने का दावा किया जा रहा है. पोस्ट का टाइट भी उसी तरह दिया गया है, बेंगलुरु पुलिस को एक लाख दो और जाओ. दरअसल एक व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा किया. जिसमें उसने लिखा, उसे प्रतिबंधित ई-सिगरेट के उपयोग करने पर बेंगलुरु पुलिस ने पकड़ा था और उसे शहर के इंदिरानगर थाना ले जाया गया.

पीड़ित ने बेंगलुरु पुलिस पर एक लाख रिश्वत लेने और जेल में डाल देने की धमकी दी

बेंगलुरु पुलिस पर गंभीर आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने अपने पोस्ट में अपना अनुभव साझा किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, ई-सिगरेट के उपयोग करने के आरोप में पुलिस ने उसे पहले थाना लेकर गयी. फिर उससे छोड़ने के नाम पर 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की. उसने दावा किया कि रुपये नहीं देने पर पुलिस ने उसे एक साल तक जेल में डाल देने की धमकी भी दी. उस व्यक्ति ने बताया कि उसके दोस्तों ने किसी तरह पुलिस को एक लाख रुपये दिये.

पीड़ित ने कहा, पैसे वापस पाने के लिए पोस्ट नहीं कर रहा, लेकिन डारावनी स्थिति बयां कर रहा हूं

पीड़ित व्यक्ति ने अपने पोस्ट में लिखा, मैं अपने पैसे वापस लेने के लिए पोस्ट नहीं लिख रहा हूं, बल्कि अपने कटू अनुभव साझा कर रहा हूं. थाना में मेरे से जिस तरह से व्यवहार किया गया, बेहद डरावनी थी. उसने कहा, मैंने इस बारे में 3 से 4 वकीलों से बात भी की. उसने आगे लिखा, मुझे पता है कि मेरे पैसे वापस नहीं मिलेंगे. उसने आगे लिखा, अगर आप स्थानिय भाषा नहीं जानते हैं, तो स्थिति और भी बिगड़ जाती है. उसने बताया, थाना में उसे बैठने की भी इजाजत नहीं थी और फोन करने की भी अनुमति नहीं दी गयी थी.

सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर को रहे पोस्ट

पीड़ित व्यक्ति के पोस्ट को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. लोग उसपर अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं. सोशल मीडिया यूजर अपने-अपने अनुभव भी शेयर कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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